शिवाजीनगर,
3 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
महापालिका और पीएमआरडीए की सीमा में आने वाले गांवाें से हाेकर गुजरने वाले 83 किमी लंबे रिंग राेड के लिए मनपा की सीमा के 21 गांवाें में से 8 गांवाें में जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार हाे गए हैं. इसके अलावा टी.पी. स्कीम लागू करने वाले चार गांवाें की सड़कें स्वतः मनपा के कब्जे में आ जाएंगी. रिंग राेड तथा एचसीएमटीआर परियाेजना की प्रगति काे लेकर पत्रकाराें से बातचीत के दाैरान मनपा आयुक्त नवलकिशाेर राम ने दावा किया कि इस परियाेजना के लिए जमीन अधिग्रहण व प्रत्यक्ष निर्माण के लिए निधि जुटाने की दृष्टि से अगले तीन-चार महीनाें में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
पीएमआरडीए भी अपनी सीमा के 21 गांवाें से हाेकर गुजरने वाले रिंग राेड के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार कर रहा है. जल्द ही सभी जमीन अधिग्रहण प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी के पास भेजे जाएंगे.
उन्हाेंने कहा कि शहर में, विशेषकर उपनगराें में, आने वाले कुछ वर्षाें में बड़े पैमाने पर उद्याेग आने वाले हैं. इन उद्याेगाें की जरूरताें के अनुसार बुनियादी सुविधाएं विकसित करनी हाेंगी. इसमें मुख्य रूप से सड़काें, ड्रेनेज और पानी की सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. शामिल गांवाें में पानी की आपूर्ति तथा ड्रेनेज याेजनाओं के काम शुरू कर दिए गए हैं. साथ ही यहां की प्रमुख सड़काें के काम के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है. शहर में यातायात काे सुगम बनाने के लिए एचसीएमटीआर के तहत शहर के भीतर 44 किमी लंबे एलिवेटेड मार्ग की याेजना बनाई जा रही है. इसके लिए जमीन अधिग्रहण और जमीन उपयाेग की अनुमति के संबंध में राज्य सरकार काे संयुक्त प्रस्ताव भेजकर मंजूरी ली जाएगी. इस काम का विकास प्रारुप तैयार करने के लिए सलाहकार नियुक्त करने की निविदा खाेली गई है. सलाहकार की नियुक्ति के बाद अगले तीन महीनाें में डीपी तैयार किया जाएगा.
इसके बाद चार पैकेज में निविदाएं जारी की जाएंगी. जिस पैकेज के लिए जमीन पहले से कब्जे में है, उसी पैकेज से निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी. मनपा और पीएमआरडीए की सीमा के 42 गांवाें से हाेकर 83 किमी लंबा रिंग राेड प्रस्तावित है. इनमें से 21 गांव मनपा की सीमा में हैं. इनमें वड़ाचीवाड़ी, पिसाेली, येवलेवाड़ी, गुजर निंबालकरवाड़ी, मांगडेवाड़ी, भिलारेवाड़ी, आंबेगांव खुर्द और जांभुलवाड़ी गांवाें से हाेकर गुजरने वाले मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन के पास प्रस्तुत किए गए हैं.