श्रेया हंचाटे ने दांतों की सड़न का 3D मॉडल बना जीता पेटेंट

भारती विद्यापीठ की छात्रा का अनूठा प्रयोग; छात्रों और डॉक्टरों को बड़ी मदद मिलेगी

    04-Sep-2026
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पुणे, 3 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 भारती विद्यापीठ डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की 20 वर्षीय दंत चिकित्सा छात्रा श्रेया हंचाटे ने दंत शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. भारत सरकार के बौद्धिक संपदा कार्यालय ने उनके विकसित किए गए ‌‘श्रीयोवेरियन कैरियस टूथ मॉडल‌’ को डिजाइन पेटेंट प्रदान किया है. श्रेया ने प्रयोगशाला तकनीशियन सचिन पोतदार की मदद से यह 3ऊ मॉडल तैयार किया है. इसमें दांतों में होने वाली सड़न की शुरुआत से लेकर इनैमल, डेंटिन और पल्प तक पहुंचने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से दिखाया गया है. इससे दंत चिकित्सा के छात्रों और डॉक्टरों को दांतों की सड़न को केवल कल्पना करने के बजाय उसे प्रत्यक्ष रूप से समझने में मदद मिलेगी. इस मॉडल का विचार श्रेया को अपनी पढ़ाई के दौरान आया. दूसरे वर्ष में छात्रों को ठोस ‌‘आइवेरियन‌’ टूथ मॉडल पर अभ्यास कराया जाता था, लेकिन उसमें सड़न की कल्पना करना कठिन होता था. इसी समस्या का समाधान करने के लिए उन्होंने ऐसा मॉडल बनाने का निर्णय लिया, जिसमें सड़न वास्तविक रूप से दिखाई दे. श्रेया ने 3ऊ प्रिंटर और डेंटल रेजिन की मदद से दांतों में होने वाली सड़न के छह अलग-अलग प्रकार तैयार किए. सड़न को वास्तविक दिखाने के लिए काले रंग का इस्तेमाल किया गया. अपेक्षित मॉडल तैयार होने तक उन्होंने लगातार प्रयोग और सुधार किए. शुरुआत में मॉडल को दो मित्रों ने इस्तेमाल किया और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. इसके बाद छह महीने पहले पेटेंट के लिए आवेदन किया गया, जिसे अब मंजूरी मिल गई है. अन्य 10 छात्रों ने भी मॉडल को उपयोगी बताया है. यह मॉडल छात्रों के प्री-क्लीनिकल प्रशिक्षण के साथ-साथ मरीजों को दांतों की समस्या और उपचार समझाने में भी उपयोगी साबित हो सकता है.