बिबवेवाड़ी, 4 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) आर.एम. धारीवाल फाउंडेशन की अध्यक्षा जाह्नवी धारीवाल-बालन और उपाध्यक्षा शोभा रसिकलाल धारीवाल की ओर से रविवार (6 सितंबर) को दोपहर 4 बजे ‘श्री उवसग्गहरं स्तोत्र’ के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया है. श्रीमान रसिकलालजी एम. धारीवाल स्थानक भवन (यश लॉन्स, बिबवेवाड़ी) में आयोजित कार्यक्रम में दिगंबर आचार्य श्री प्रणामसागरजी महाराज, दिवाकर ज्योति राजस्थान वीरांगना प.पू. श्री जयश्रीजी महाराज, वाणी के जादूगर श्री रमणिक मुनिजी महाराज, वीरायतन की आचार्य चंदना श्री जी की शिष्या साध्वी संघमित्राजी व विभाजी और यशोविजय सूरी महाराज साहेब के गणिवर्य ज्ञानरुचि विजयजी का पावन सांनिध्य प्राप्त होगा. वर्तमान समय में ऐसे उपक्रमों की विशेष आवश्यकता है, जिनसे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इस वर्ष स्तोत्र पाठ का यह दसवां वर्ष है. इस स्तोत्र पाठ का पहला कार्यक्रम वर्ष 2017 में रसिकलाल धारीवाल की उपस्थिति और पूज्य संतों तथा साध्वी म. सा. के पावन सांनिध्य में संपन्न हुआ था. रविवार को होने वाले कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, जैन और गैर-जैन सभी परिवार सहित इस महामंगलकारी स्तोत्र में शामिल होकर लाभ उठाएं. कार्यक्रम में शामिल होने वाले पुरुषों के लिए सफेद (शुभ्र) और महिलाओं के लिए केसरिया कपड़े पहनना अनिवार्य है. इसके अलावा, कार्यक्रम के तुरंत बाद ‘चौविहार’ की व्यवस्था की गई है, यह जानकारी फाउंडेशन की उपाध्यक्षा शोभा रसिकलाल जी धारीवाल ने दी है. महामंगलकारी स्तोत्र का हर साल होता है पठन ऐसी मान्यता है कि श्री उवसग्गहरं स्तोत्र के नियमित स्मरण से दुःख, रोग, पीड़ा और शत्रु जैसे सांसारिक कष्ट दूर होते हैं तथा मनुष्य एवं समस्त प्राणियों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इसी उद्देश्य से, जैन धर्म में अत्यंत महामंगलकारी माने जाने वाले श्री उवसग्गहरं स्तोत्र के सामूहिक पाठ का आयोजन प्रतिवर्ष रसिकलाल एम. धारीवाल फाउंडेशन द्वारा किया जाता है.