प्रो. डॉ. संजय चोरडिया नई दिल्ली में सम्मानित

शशि थरूर द्वारा ‌‘ग्लोबल विजनरी एजुकेशनिस्ट, देशभक्त संवेदनशील नेतृत्व‌’ पुरस्कार प्रदान

    05-Sep-2026
Total Views |

bgd

नई दिल्ली/बावधन, 4 सितंबर (आ.प्र.)

सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया को ः ग्लोबल विजनरी एजुकेशनिस्ट, पैट्रियॉटिक एंड कम्पैशनेट लीडर‌’ के प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया. नई दिल्ली स्थित आईआईटी दिल्ली के रिसर्च और इनोवेशन पार्क के सभागार में हाल ही में यह कार्यक्रम हुआ. ‌‘इंडिया2047 लीडरशिप, इनोवेशन और ग्लोबल पावर समिट 2026‌’ में सांसद एवं संयुक्त राष्ट्र के पूर्व अंडर-सेक्रेटरी-जनरल डॉ. शशि थरूर के हाथों उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया. आजीवन, मूल्याधारित एवं समग्र शिक्षा, चरित्र निर्माण तथा विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों, कर्मचारियों और समाज में देशभक्ति, संवेदनशीलता एवं स्थायी मूल्यों को विकसित करने के लिए डॉ. चोरडिया के महत्वपूर्ण और दीर्घकालीन योगदान को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया. ‌‘नेतृत्व, नवाचार और वैेिशक प्रभाव के माध्यम से 2047 के भारत की यात्रा को आकार देना‌’ विषय पर आधारित शिखर सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के चुनिंदा प्रतिष्ठित नेता, नवोन्मेषक, उद्यमी, नीति-निर्माता, शिक्षाविद्, निवेशक और परिवर्तन के शिल्पकार शामिल हुए. सम्मेलन में देश की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े गणमान्य उपस्थित थे. सम्मेलन के माध्यम से प्रो. डॉ. चोरडिया को आईआईटी दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन विभाग के प्रतिष्ठित व्यावसायिकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करने का अवसर मिला. सूर्यदत्त संस्थान के विद्यार्थियों के हित में शैक्षणिक सहयोग एवं ज्ञान के आदान-प्रदान की विभिन्न संभावनाओं पर चर्चा की गई.  
 
वैेिशक मंच पर भारत की बदलती भूमिका को रेखांकित किया

मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ता डॉ. शशि थरूर ने भारत की 2047 तक की विकास यात्रा पर चर्चा को व्यापक दृष्टिकोण और महत्वपूर्ण विचारों से समृद्ध किया. कूटनीति, सार्वजनिक नीति, अंतरराष्ट्रीय मामलों, साहित्य और प्रशासन के क्षेत्र में अपने दीर्घ अनुभव के आधार पर उन्होंने वैेिशक मंच पर भारत की बदलती भूमिका को रेखांकित किया. वर्ष 2047 तक भारत को एक प्रभावशाली वैेिशक राष्ट्र के रूप में उभरने आवश्यक नेतृत्व पर मार्गदर्शन दिया.