यूपी में सरकारी जमीनों की अवैध बिक्री काभंडाफोड़

लेखपालों और बड़े अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़े का कारोबार उजागर

    05-Sep-2026
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UP
लखनऊ, 4 सितंबर (वि.प्र.)
यूपी में सरकारी जमीनाें की अवैध बिक्री का भंडाफाेड़ हाे गया है.लेखपालाें और बड़े अधिकारियाें की मिलीभगत से अवैध बिक्री का काराेबार उजागर हुआ है.
 
बड़ी रकम लेकर फर्जी दस्तावेजाें के जारी साैदा कर देते थे, चालाकी से रिकाॅर्ड में हेरफेर करते थे. लगातार शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन का राजस्व विभाग हरकत में आया है और अब ए्नशन की तैयारी में है. उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनाें की सुरक्षा काे लेकर बड़ा सवाल खड़ा हाे गया है.
 
राजस्व विभाग की जांच में सरकारी भूमि से जुड़े मामलाें में कई अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. आराेप है कि कुछ लेखपालाें की मिलीभगत से सरकारी जमीनाें पर कब्जे और खरीद-फराेख्त का खेल चल रहा था.जांच रिपाेर्ट सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार कर्मचारियाें पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है. सरकारी जमीनाें काे आम जनता के हिताें के लिए सुरक्षित रखा जाता है.
 
इन जमीनाें का इस्तेमाल स्कूल, हाॅस्पिटल, सड़क, पंचायत भवन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया जाता है.
लेकिन कुछ मामलाें में राजस्व कर्मचारियाें की लापरवाही या मिलीभगत के कारण ऐसी जमीनाें पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेजाें के जरिए साैदे किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं.
 
राजस्व विभाग काे लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई इलाकाें में सरकारी जमीनाें की स्थिति में हेरफेर किया जा रहा है.
शिकायताें के आधार पर अधिकारियाें ने जांच शुरू की. जांच के दाैरान रिकाॅर्ड और माैके की स्थिति में अंतर पाया गया. कई मामलाें में आराेप है कि सरकारी जमीनाें काे निजी भूमि दिखाने की काेशिश की गई.कुछ जगहाें पर खताैनी और राजस्व अभिलेखाें में बदलाव करने की शिकायतें भी सामने आईं.अधिकारियाें ने दस्तावेजाें की जांच के बाद संबंधित कर्मचारियाें की भूमिका पर सवाल उठाए हैं.