पहला विभाजन शरीर और चेतना के बीच होता है

    07-Sep-2026
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osho 
एक बच्चा एक यूनिटी के साथ पैदा हाेता है, हम उसे दाे में ताेड़ देते हैं. पहला विभाजन शरीर और चेतना के बीच हाेता है. हम खंडता के बीज बाे देते हैं. अब वह कभी भी खाे गई एकता काे आसानी से प्राप्त न कर सकेगा.
 
जितना वह बड़ा हाेगा, अंतराल भी उतना ही बड़ा हाेता जायेगा. एक व्यक्ति जिसके शरीर और चेतना में गैप है वह सामान्य नहीं हाेगा. जितना बड़ा अंतराल हाेगा, उतना ही विक्षिप्त वह हाेगा, क्याेंकि तब शरीर और मन का भेद एक भाषागत भ्रांति हाेगी. हम साइकाेसाेमेटिक- शरीर और मन दाेनाें हैं, एक साथ.
 
इन दाेनाें काे बांटना संभव नहीं है. वे दाे नहीं हैं बल्कि एक ही हैं. इसलिए एक अच्छे समाज के लिए पहली चीज है कि एक खंडित मन निर्मित न करें, विभाजित मन पैदा न करें, क्याेंकि पहला विभाजन शरीर और मन के बीच हाेता है, और तब दूसरे विभाजन आते हैं.
 
आपने यदि एक बार विभाजन का मार्ग पकड़ लिया, तब िफर मन पुन: बांटा जायेगा, और शरीर भी िफर से बांटा जायेगा. यह एक विचित्र तथ्य है. मुझे आश्चर्य है कि क्या आप भी यह अनुभव करते हैं कि आप शरीर और चेतना में बंटे हुए हैं? तब शरीर िफर बांटा जाता है ऊपर और नीचे में, तब िफर नीचे वाला बुरा है, और ऊपर वाला अच्छा है. कहां से ऊपर का हिस्सा और कहां से नीचे का हिस्सा शुरू हाेता है. हम सभी भी अपने नीचे के हिस्से के साथ आराम से नहीं हाेते- कभी भी नहीं. इसीलिए इतनी सारी मूर्खताएं कपड़ाें के साथ प्रचलित है- इतनी सारी मूर्खताएं. हम नग्न नहीं हाे सकते. क्याें? जिस क्षण भी आप नग्न हाेते हैं, शरीर एक हाे जाता है.
 
हमारे पास दाे तरह की पाेशाकें हैं- एक नीचे के हिस्से के लिए, दूसरी ऊपर के लिए कपड़ाें का यह विभाजन आधारभूत शरीर के विभाजन से जुड़ा हुआ है. यदि आप नग्न खड़े हैं, तब आप कैसे विभाजन करेंगे कि काैन-सा नीचे का हिस्सा है और काैन-सा ऊपर का. अत: जाे लाेग आदमी काे बांटते हैं, वे आदमी की नग्नता के साथ राजी नहीं हाेंगे. यह केवल प्रारंभ है, क्याेंकि भीतर और भी अधिक नग्नता है. यदि आप अपने शरीर से नग्न हाेने काे भी तैयार नहीं हैं, ताे आप अपनी भीतर परताें के बारे में ताे कभी भी सच्चे नहीं हाेंगे.
 
हाे कैसे भी सकते हैं आप? यदि आप अपने शरीर की नग्नता का भी सामना नहीं कर सकते ताे आप अपनी नग्न चेतना का सामना कैसे कर सकेंगे? यह पाेशाक ऑथेण्टिक (प्रामाणिक) नहीं है. यह ताे मात्र आवरण है. इसकी एक िफलाॅसी है और एक बहुत विक्षिप्त िफलाॅसी. इसमें पहले शरीर बांट दिया जाता है, तब िफर मन बांट दिया जाता है.