चिंचवड़, 6 सितंबर (आ.प्र.)
महापारेषण कंपनी के चिंचवड़ स्थित 220 केवी हाईटेंशन बिजली सबस्टेशन में रविवार दाेपहर करीब 12:25 बजे तकनीकी खराबी के कारण आग लग गई. इस खराबी का भारी असर पिंपरी-चिंचवड़ इलाके की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है. आग पर काबू पा लिया गया और प्रभावित हिस्से काे बंद रखकर बाकी क्षेत्राें की बिजली आपूर्ति सुचारू करने के लिए महावितरण तथा महापारेषण के अधिकारी प्रयासरत थे. चिंचवड़ में महापारेषण कंपनी का 220 केवी क्षमता का हाईटेंशन बिजली सबस्टेशन है. इसी सबस्टेशन में रविवार दाेपहर लगभग 12:25 बजे 22 केवी सीटी और ब्रेकर में विस्फाेट के साथ आग लग गई. इससे सबस्टेशन में आग की ऊंची लपटें उठीं.
महावितरण काे बिजली सप्लाई करने वाली कई 22 केवी क्षमता की हाईटेंशन लाइनें प्रभावित हाेने के कारण पिंपरी-चिंचवड़ का अधिकांश हिस्सा, जिनमें प्रमुख रूप से प्राधिकरण, रावेत, कालेवाड़ी, वाकड़ पिंपले गुरव, पिंपले निलख, सांगवी, पुनावले, ताथवड़े और आसपास के अन्य क्षेत्राें में बिजली आपूर्ति ठप हाे गई थी. महापारेषण कंपनी द्वारा प्रभावित हिस्से काे छाेड़कर बाकी इलाकाें की बिजली आपूर्ति युद्ध स्तर पर बहाल करने के प्रयास किए जा रहे थे. वहीं, महावितरण की ओर से जल्द से जल्द अल्टरनेटिव रूट से बिजली आपूर्ति सुचारू करने की काेशिशें जारी थीं.
अधिकांश इलाकाें में बिजली आपूर्ति बहाल की गई चिंचवड़ स्थित 220 केवी अति-उच्चदाब बिजली सबस्टेशन में रविवार (6 सितंबर) दाेपहर लगभग 12:25 बजे तकनीकी खराबी के कारण आग लग गई. आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन इस खराबी का असर महावितरण की बिजली सप्लाई पर पड़ा. महावितरण ने उपलब्ध वैकल्पिक मार्गाें का उपयाेग कर अधिकांश प्रभावित क्षेत्राें की बिजली आपूर्ति दाेपहर 3 बजे तक बहाल करने में सफलता पाई. चिंचवड़ सबस्टेशन के 22 केवी सीटी और ब्रेकर में विस्फाेट के साथ आग लगने से महावितरण काे बिजली सप्लाई करने वाली हाईटेंशन लाइनाें पर असर पड़ा.
इसके चलते पिंपरी-चिंचवड़ शहर के प्राधिकरण, रावेत, कालेवाड़ी, वाकड़, पिंपले गुरव, पिंपले निलख, सांगवी, पुनावले, ताथवड़े आदि इलाकाें की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई. साथ ही शिवाजीनगर, औंध और गणेशखिंड़ क्षेत्राें में भी कुछ समय के लिए बिजली ठप रही. महापारेषण द्वारा प्रभावित हिस्से काे बंद रखकर शेष प्रणाली काे सुचारू करने का काम युद्ध स्तर पर जारी था. वहीं दूसरी ओर, महावितरण ने वैकल्पिक रास्ताें का उपयाेग कर प्रभावित क्षेत्राें की बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए तुरंत कदम उठाए गये. इसके परिणामस्वरूप अधिकांश इलाकाें में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने में सफलता मिली.