हिंजवड़ी, 6 सितंबर (आ.प्र.)
आईटी हब के रूप में पहचाने जाने वाले हिंजवड़ी और उसके आसपास के इलाकाें में भारी ट्रैफिक जाम, सड़काें पर गड्ढे, फुटपाथ, कचरा, पीने का पानी, सीवरेज और मेट्राे में हाे रही देरी जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है.
इन समस्याओं के प्रति सरकार और प्रशासन की अनदेखी के विराेध में रविवार काे आयटियंस के साथ-साथ तमाम हिंजवड़ी निवासियाें ने मूक माेर्चा निकालकर अपना आक्राेश व्यक्त किया. शिवसेना (यूबीटी) नेता, युवासेनाप्रमुख एवं विधायक आदित्य ठाकरे ने अपना वादा निभाते हुए इस माेर्चे में भाग लिया और आंदाेलन काे अपना समर्थन दिया. आदित्य की इस सक्रिय भागीदारी से युवा आइटियंस और साेसायटी निवासियाें में काफी जाेश भर गया. महिलाएं भी अपने छाेटे बच्चाें के साथ बड़ी संख्या में इस माेर्चे में शामिल हुईं.
इलाके की विभिन्न बुनियादी समस्याओं के पाेस्टर हाथाें में लेकर, बिना काेई नारेबाजी किए अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से निकाला गया यह ‘स्मार्ट आईटी सिटी संकल्प’ माेर्चा सभी का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा. पिछले कुछ दिनाें से पुणे जिले के चाकण एमआईडीसी और हिंजवड़ी आईटी पार्क, ये दाेनाें प्रमुख औद्याेगिक केंद्र चर्चा का विषय बने हुए हैं.
पिछले कई सालाें से लगातार एक जैसी समस्याओं से परेशान हाेकर यहां के उद्यमी, आयटियंस, स्थानीय साेसायटी निवासी और ग्रामीण पूरी तरह से परेशान हैं. युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने 18 अगस्त काे हिंजवड़ी आईटी पार्क इलाके का दाैरा किया था. स्थानीय नागरिकाें से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी थीं और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था. उसी समय आईटी कर्मचारियाें ने 6 सितंबर काे आंदाेलन का ऐलान करते हुए आदित्य ठाकरे से भी इसमें शामिल हाेने का अनुराेध किया था. आदित्य ठाकरे ने भी इसके लिए अपनी सहमति दी थी.
अपना वादा निभाते हुए आदित्य ठाकरे ने रविवार (6 सितंबर) काे माेर्चे में स्वतःस्फूर्त रूप से हिस्सा लिया. माेर्चे में सबसे आगे करीब 500 महिलाएं थीं, बीच में स्थानीय ग्रामीण और उनके पीछे सभी आईटी कर्मचारी, इस तरह माेर्चे का स्वरूप तय किया गया था. आंदाेलन के लिए पुलिस का कड़ा बंदाेबस्त तैनात किया गया था. हिंजवड़ी आईटी पार्क के फेज वन स्थित इंफाेसिस सर्कल से सुबह करीब 11 बजे इस शांतिपूर्ण माेर्चे की शुरुआत हुई.
टी-जंक्शन से हाेते हुए मेज़ा 9 हाेटल से छत्रपति श्री शिवाजी महाराज चाैक, हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के रास्ते वापस फेज वन इंफाेसिस सर्कल पहुंचकर माेर्चे का समापन हुआ. सफेद शर्ट, काली पैंट पहनकर और काली पट्टी लगाकर प्रदर्शनकारी इस आंदाेलन में शामिल हुए थे. माेर्चे में महिलाओं और छाेटे बच्चाें की भागीदारी उल्लेखनीय थी. हाथाें में विभिन्न बुनियादी समस्याओं के बैनर उठाकर प्रशासन का ध्यान खींचा जा रहा था. बिना किसी नारेबाजी के बेहद शांत तरीके से यह माेर्चा निकाला गया.
आदित्य ठाकरे के आसपास लगा जमघट दाेपहर करीब 12:30 बजे फेज वन इंफाेसिस सर्कल पर माेर्चे का आगमन हुआ और आंदाेलन समाप्त हुआ. माेर्चे में सत्तारूढ़ महायुति के विधायक भी माैजूद थे. हालांकि, सर्कल के पास आदित्य ठाकरे के पहुंचते ही माेर्चे में माैजूद प्रदर्शनकारियाें ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याएं बतानी शुरू कर दीं. आईटी कर्मचारियाें के साथ-साथ साेसायटी निवासियाें और स्थानीय ग्रामीणाें ने भी अपनी तमाम समस्याओं की सूची उनके सामने रख दी.
ट्रैफिक जाम, सड़क के गड्ढे सड़कें, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ अन्य बुनियादी ढांचाें के बारे में नागरिकाें ने आदित्य से चर्चा की. आदित्य ने भी बेहद तन्मयता से सभी समस्याओं काे सुना और उन्हें सुलझाने के लिए सरकार के सामने आवाज उठाने का आश्वासन दिया.
प्रदर्शन में शिवसेना (यूबीटी) सचिव सूरज चव्हाण, पुणे जिला संपर्कप्रमुख सचिन पड़वल, पुणे जिलाप्रमुख प्रकाश भेगड़े, रामदास धनवटे, पुणे शहरप्रमुख वसंत माेरे, पिंपरी-चिंचवड़ शहरप्रमुख चेतन पवार, इसके अलावा आईटी फाेरम के अध्यक्ष पवनजीत माने, ज्ञानेंद्र हुलसुरे, पुष्कराज निंबालकर, सचिन डाेंगरे, प्रशांत भाेपले, राधिका जाेगे, नम्रता नाइक, रमन पाटिल, आशीष मिल्क, अनिकेत तिवात्मे, महादेव धाेत्रे, कुणाल गजभिये, आनंद चाैगुले, अनघा पाटिल, विक्रम माने, सुरेश रेवे, अतुल भिंगे आदि भी माैजूद थे.