पुनीत बालन ग्रुप की डीजे-मुक्त दहीहांडी में उमड़ा जनसैलाब

एेतिहासिक लाल महल चौक पर ढोल-ताशा और डफली जैसे पारंपरिक वाद्यों की गूंजी मधुर धुन

    07-Sep-2026
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कसबा पेठ, 6 सितंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

गोविंदा आला रे आला का जयघोष, ढोल-ताशों की मंगलमय गूंज, हलगी की पारंपरिक धुन पर थिरकते युवा, उमड़ा जनसैलाब और धड़कनें बढ़ा देने वाले इंसानी मीनार - ऐसे उत्साहपूर्ण माहौल में पुनीत बालन ग्रुप द्वारा आयोजित डीजे-मुक्त संयुक्त दहीहांडी का रोमांच पुणे वासियों ने शनिवार (5 सितंबर) की रात को देखा. ऐतिहासिक लाल महल चौक में भारी भीड़ के समक्ष ‌‘शिवतेज दहीहंडी संघ‌’ ने सात परतें बनाकर संयुक्त दहीहांडी फोड़ने का गौरव हासिल किया. लगातार दूसरे वर्ष बिना डीजे (डीजे-मुक्त) के दहीहंडी उत्सव का आयोजन करके ‌‘पुनीत बालन ग्रुप‌’ ने इस अवसर पर एक नया आदर्श स्थापित किया है. पुणे के 31 सार्वजनिक गणेश मंडलों ने इस संयुक्त दहीहांडी उत्सव में भाग लिया. गौरतलब है कि पुनीत बालन ग्रुप के अध्यक्ष पुनीत बालन ने पिछले वर्ष महाराष्ट्र के पहले ‌‘डीजे-मुक्त‌’ दहीहांडी उत्सव का आयोजन किया था, जिसका सभी वर्गों द्वारा व्यापक स्वागत किया गया था. प्रभात बैंड की मधुर प्रस्तुति के साथ यहां दहीहांडी उत्सव की शुरुआत हुई. इसके बाद श्रीमंत पेशवे गणेश मंदिर और लाल महल में मांसाहेब जिजाऊ को नमन किया गया. मानवंदना, रमणबाग, गजर प्रतिष्ठान, शिवाज्ञा ढोल, शिवयोद्धा मर्दानी आखाड़ा, आवर्तन, समर्थ और शिवमुद्रा पथकों के जोशीले वादन से पूरा क्षेत्र उत्साह से सराबोर हो गया. वहां मौजूद युवाओं ने ढोल-ताशों की ताल पर जमकर नृत्य किया. शिवाज्ञा पथक ने मेला-यात्रा में होने वाले बगाड़ और श्रीनाथ बाबा की पालकी का प्रदर्शन करते हुए भंडारे (गुलाल/ हल्दी) की उछाल की. वारकरियों के पखावज वादन ने माहौल को भक्तिमय बना दिया, वहीं डफली की दमदार धुन ने उपस्थित लोगों में नया उत्साह भर दिया. छत्रपति शिवाजी महाराज मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक लाल महल चौक में आकर्षक रूप से सजाई गई दहीहांडी, रंग-बिरंगी रोशनी और उस पर की गई कोल्ड फायर की आतिशबाजी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही थी. इस दही हांडी को 21 से भी अधिक गोविंदा पथकों ने पांच से सात परतें बनाकर सलामी दी. दहीहंडी की सलामी में शुरुआत में महिलाओं की शिवकन्या गोविंदा टीम ने भाग लिया. इसके बाद कसबा पुणे, म्हसोबा दहीहंडी संघ, पंढरीनाथ सेवा मंडल, पुणेेशर कसबा पेठ, गणेश मित्र मंडल कसबा पेठ, राष्ट्र प्रथम कसबा पेठ, भोईराज संघ, मुंबई का आम्ही आमचे राजे और शिवतेज संघ सहित कई गोविंदा टीमों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया. रात पौने दस बजे शिवतेज दहीहंडी संघ ने सात परतें बनाकर ऐतिहासिक दहीहंडी फोड़ने का गौरव प्राप्त किया. इस टीम ने 1 लाख 11 हजार रुपये का पुरस्कार और सम्मानजनक ट्रॉफी अपने नाम की.  
 
पारंपरिक और इको फ्रेंडली उत्सव मनाने प्रतिबद्ध

 पुणे के नागरिकों ने लगातार दूसरे वर्ष भी डीजे- मुक्त दहीहांडी उत्सव को अपना भरपूर समर्थन देकर इसे पूरी तरह सफल बनाया है, इसके लिए मैं उनका दिल से आभार व्यक्त करता हूं. डीजे के बजाय पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-ताशों, डफली और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी दहीहांडी का त्यौहार उतने ही उत्साह और आनंद के साथ मनाया जा सकता है - यह बात पुणेवासियों ने खुद देखी और महसूस की है. इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद मिली, बल्कि हमारे पारंपरिक वाद्य बजाने वाले स्थानीय कलाकारों को भी रोजगार का अवसर मिला. हम आने वाले गणेशोत्सव को भी इसी तरह पारंपरिक और इको-फ्रेंडली तरीके से मनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. - पुनीत बालन, अध्यक्ष, पुनीत बालन ग्रुप ट्रस्टी एवं उत्सव प्रमुख, श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट  
 
डीजे मुक्त दहीहांडी में 31 गणेश मंडलों ने दिया साथ

 इस साल पुणे में डीजे के इस्तेमाल को लेकर माहौल गर्माया हुआ था, इसके बावजूद पुनीत बालन ने डीजे-मुक्त दही हांडी और गणेशोत्सव मनाने का कड़ा फैसला लिया. पुनीत बालन के इस फैसले का समर्थन करते हुए 31 गणेश मंडलों ने उनका साथ दिया और संयुक्त दहीहांडी में हिस्सा लिया. इस दहीहांडी उत्सव में कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की. साथ ही, विदेशी पर्यटकों ने भी इस त्यौहार में बढ़-चढ़कर भाग लिया.