इसरो के निजीकरण को लेकर कर्मचारियों में भारी रोष

कर्मचारियों के 9 संगठनों ने नाराजगी जताते हए गहरी चिंता जतायी केंद्र के रवैए पर उठाए सवाल

    07-Sep-2026
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बेंगलुरु, 6 सितंबर (वि.प्र.)
इसराे के निजीकरण काे लेकर कर्मचारियाें में भारी राेष है.कर्मचारियाें के 9 संगठनाें ने नाराजगी जताते हुए गहरी चिंता जतायी है.केंद्र सरकार के रवैए पर सवाल उठाए हैैं. इसराे प्रमुख काे चिठ्ठी लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है.
 
स्पेस सेक्टर काे प्राइवेट कंपनियाें के लिए खाेले जाने काे लेकर इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसराे) के कर्मचारियाें काे अब चिंता सताने लगी है. इसराे के हजाराें कर्मचारियाें का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 संगठनाें ने स्पेस एजेंसी के मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशनल कामाें काे प्राइवेट करने के प्रस्ताव पर आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है. कर्मचारी संगठनाें ने इसराे के चेयरमैन वी. नारायणन काे पत्र लिखकर एजेंसी के निजीकरण की दिशा, माैजूदा कर्मचारियाें और एजेंसी की भविष्य की भूमिका पर इसके असर काे लेकर सवाल उठाए हैं. रिपाेर्ट के मुताबिक, यह चिट्ठी इसराे के जीएसएलवी राॅकेट से अर्थ ऑब्जर्वे शन सैटेलाइट (पृथ्वी पर नजर रखने वाला उपग्रह) काे कई महीनाें के अंतराल के बाद सफलतापूर्वक लाॅन्च करने के कुछ ही घंटाें बाद भेजी गई थी. इसराे के कई सेंटर्स की कर्मचारी यूनियनाें ने इस लेटर पर साइन किए हैं.
 
लेटर पर जिन यूनियन के साइन हैं, उनमें इस्त्राे स्टाफ एसाेसिएशन, डकअठ एम्प्लाॅईज़ एसाेसिएशन, खडअउ एम्प्लाॅइज एसाेसिएशन, इसराे स्टाफ एसाेसिएशनएलपीएससी, इसराे स्टाफ एसाेसिएशन-बीबीयू, छठड एम्प्लाॅईज़ यूनियन, स्पेस एम्प्लाॅइज एसाेसिएशन- बीबीयू, इसराे स्टाफ एसाेसिएशन-खझठउ और डउ एम्प्लाॅइज़ वेलफेयर एसाेसिएशन शामिल हैं.