जजों पर लगे आरोपों की जांच व कार्रवाई जरूरी

राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यकारी चीफ जस्टिस के खिलाफ मामले में पूर्व सीजेआई गवई ने कहा

    07-Sep-2026
Total Views |
 
rajasthan
नई दिल्ली, 6 सितंबर (वि.प्र.)
राजस्थान हाईकाेर्ट के जजाें और वकीलाें के बीच हाल ही में उत्पन्न हुए विवाद काे लेकर देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई का बड़ा बयान सामने आया है. राजस्थान हाईकाेर्ट के कार्यकारी जस्टिस के खिलाफ शिकायत मामले में उन्हाेंने कहा जजाें पर लगे आराेपाें की जांच व कार्रवाई जरूरी है.
 
न्यायपालिका में अनुशासन हाेना बेहद जरूरी है. एक कार्यक्रम के दाैरान उन्हाेंने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका की साख और जनता का इस पर विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है. उन्हाेंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका लाेकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है और इसके भीतर किसी भी प्रकार का मतभेद सार्वजनिक चर्चा या विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए.
 
पूर्व चीफ जस्टिस गवई ने इस बात पर विशेष जाेर दिया कि ‘बार’ (वकील) और ‘बेंच’ (न्यायाधीश) एक ही रथ के दाे पहिए हैं. दाेनाें के बीच साैहार्दपूर्ण संबंध और परस्पर सम्मान की भावना का हाेना न्याय प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए बेहद अनिवार्य है उन्हाेंने कहा यदि किसी विषय या न्यायिक प्रक्रिया काे लेकर काेई असहमति या शिकायत है, ताे उसे आपस में बैठकर और संस्थागत तंत्र के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए, न कि टकराव का रास्ता अपनाकर.
 
अपने संबाेधन में उन्हाेंने जजाें और वकील समुदाय दाेनाें से ही उच्च स्तर का संयम, अनुशासन और न्यायिक मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया. पूर्व सीजेआई ने याद दिलाया कि न्यायपालिका का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक काे समय पर न्याय दिलाना है. इसलिए, आपसी विवादाें और मनमुटाव काे पीछे छाेड़कर सभी काे अपनी जिम्मेदारियाें का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना चाहिए ताकि अदालत की गरिमा पर काेई आंच न आए.