3000 करोड़ की ठगी मामले में 5 राज्यों में छापे

ईडी द्वारा महाराष्ट्र में भी रेड : साइप्रस के "पैरिमैच" एप के खिलाफ 17 ठिकानों पर कार्रवाई

    08-Sep-2026
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ED
मुंबई/पुणे, 7 सितंबर (आ. प्र.)
3000 कराेड़ रुपये की ऑनलाइन सट्टेबाजी ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साइप्रस की सट्टेबाजी कंपनी ‘पैरिमैच’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र समेत 5 राज्याें में 17 ठिकानाें पर छापेमारी की. ईडी की टीमाें ने महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में एक साथ रेड कर 2 कराेड़ रुपये की संपत्ति, 61 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलाे वजन का साेने का बिस्किट जब्त किया है. जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी में ज्यादा रिटर्न का लालच देकर नागरिकाें से कराेड़ाें रुपये की ठगी की जा रही थी. ठगी की रकम काे हवाला, क्रिप्टाे करेंसी और ट्रैवल एजेंटाें के जरिए विदेश भेजने का भी नेटवर्क सामने आया है, जिसके तहत 500 कराेड़ रुपये से अधिक रकम विदेश भेजे जाने का ईडी काे संदेह है. इस पूरे नेटवर्क के जरिए ब्लैक मनी काे व्हाइट करने का काम भी चल रहा था.
 
छापेमारी के दाैरान ईडी ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं. ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर नागरिकाें काे अधिक रिटर्न का लालच देकर एक ही वर्ष में 3,000 कराेड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले मपैरिमैचफ ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने कड़ी कार्रवाई की है. धन शाेधन निवारण अधिनियम के तहत ईडी ने महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश इन 5 राज्याें में 17 अलग-अलग ठिकानाें पर 2 सितंबर 2026 काे एक साथ तलाशी अभियान चलाया.
 
इस छापेमारी के दाैरान ईडी ने 2.11 कराेड़ रुपये की चल संपत्ति, 61 लाख रुपये की नकदी और 1 किलाे साेने की बिस्किट जब्त की है. मुंबई पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन में पैरिमैच डाॅट काॅम ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफाॅर्म के खिलाफ उपयाेगकर्ताओं से धाेखाधड़ी करने के मामले में मामला दर्ज किया गया था. इस एफआईआर के आधार पर ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शाेधन का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
 
जांच के दाैरान सट्टेबाजी से जमा किए गए काले धन काे वैध बनाने के लिए बेहद जटिल और बहुस्तरीय (र्चीश्रींळ-श्ररूशीशव) नेटवर्क का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई. विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, फर्जी मूल्यांकन रिपाेर्ट और काल्पनिक फाॅर्म 15 सीए/15 सीबी दिखाकर बिना किसी कानूनी आधार के 500 कराेड़ रुपये विदेश भेजे गए. ईडी की जांच में म्यूल खाते, सीएमएस और डीएमटी एजेंट, ट्रैवल ऑपरेटर, शेल कंपनियां, ऑफशाेर निवेश संस्थाएं, हवाला ऑपरेटर और क्रिप्टाे मध्यस्थाें का बेहद जटिल नेटवर्क सामने आया है. सट्टेबाजी से प्राप्त काले धन काे छिपाने और विदेश भेजने के लिए इस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था.