उद्यान विभाग द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया संदेह के घेरे में

किसी खास कॉन्ट्रैक्टर को ध्यान में रखकर शर्तें तय करने का कई कॉन्ट्रैक्टरों का आरोप

    08-Sep-2026
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udyan
पिंपरी, 7 सितंबर (आ.प्र.)
मनपा के उद्यान विभाग की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष में पांच लाख पाैधे लगाने की याेजना बनाई गई है. इसके लिए पाैधाें की खरीदारी हेतु टेंडर प्रक्रिया चलाई जा रही है. हालांकि यह टेंडर प्रक्रिया विवादाें के घेरे में आ गई है. आराेप लगाए जा रहे हैं कि किसी खास काॅन्ट्रै्नटर काे ध्यान में रखकर ही इस टेंडर की शर्तें और नियम तय किए गए हैं.
 
इसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाैधाें की खरीदारी में ‘सिंडिकेट’ का खेल चल रहा है? सरकार के पाैधाराेपण लक्ष्य काे पूरा करने और ‘माझी वसुंधरा अभियान-2026’ के अंतर्गत मनपा के उद्यान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 5 लाख पाैधे लगाने का नियाेजन किया है. इस परियाेजना के लिए उद्यान विभाग द्वारा कराेड़ाें रुपये की टेंडर प्रक्रिया चलाई जा रही है, लेकिन मनपा के गलियाराें में चर्चा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसमें साठ-गांठ हुई है. कुछ प्रतिस्पर्धी काॅन्ट्रै्नटराें ने आराेप लगाया है कि प्रशासन ने किसी खास काॅन्ट्रै्नटर काे फायदा पहुंचाने के लिए इन शर्ताें का ताना-बाना बुना है.
 
इस टेंडर प्रक्रिया की सबसे विवादास्पद और संदिग्ध शर्त यह है कि पाैधे सप्लाई करने वाले काॅन्ट्रै्नटर की खुद की नर्सरी मनपा की सीमा से 50 किलाेमीटर के दायरे में ही हाेनी चाहिए. केवल इस एक शर्त की वजह से राज्य के अन्य हिस्साें के अनुभवी और गुणवत्तापूर्ण पाैधे सप्लाई करने वाले काॅन्ट्रै्नटर सीधे ताैर पर इस दाैड़ से बाहर हाे गए हैं.
 
उद्यान विभाग की इस अजीब शर्त के कारण अन्य काॅन्ट्रै्नटर टेंडर में भाग ही नहीं ले सके. सीधा आराेप लगाया जा रहा है कि मनपा की सीमा से 50 किमी की दूरी पर किसकी नर्सरी स्थित है, यह पहले से तय कर उसी के अनुसार प्रारूप तैयार किया गया था. साफ दिखाई दे रहा है कि प्रशासन ने यह खेल महज एक काॅन्ट्रै्नटर के हिताें की रक्षा करने और उसी काे ठेका दिलाने के लिए खेला है.