प्राेटीन सप्लीमेंट्स शुरू करने से पहले कुछ बातें ध्यान रखें. यह देखना हाेगा कि आप का शरीर ज्यादा प्राेटीन संभाल सकता है या नहीं?
प्राेटीन सप्लीमेंट शुरू करने से पहले पेट, किडनी और लिवर की सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत हाेती है.
‘द डाइट थेरेपी’ की सह-संस्थापक और आहार व पाेषण विशेषज्ञ श्वेता जे. पांचाल प्राेटीन सप्लीमेंट्स शुरू करने से पहले खुद से चार प्रश्न पूछने की सलाह देती हैं.
पाचन कितना मजबूत?
अगर आप काे कब्ज, एसिडिटी, पेट फूलना या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं रहती हैं, या फिर सामान्य आहार पचाने में भी मेहनत करनी पड़ती है, ताे बिना सलाह खुद से प्राेटीन सप्लीमेंट्स न लें.
किडनी संबंधी समस्या ताे नहीं?
प्राेटीन अधिक लेने पर किडनी पर उसे फिल्टर करने का काम बढ़ जाता है. अगर पथरी या किडनी से जुड़ी अन्य समस्या है, ताे डाॅक्टर से सलाह लें. प्राेटीन शुरू करने से पहले केएफटी टेस्ट करा लें.
लिवर की सेहत कैसी?
श्वेता के अनुसार, लिवर प्राेटीन से अमीनाे एसिड काे ताेड़ने का काम करता है. अगर लिवर कमजाेर है, लिवर एंजाइम्स बढ़े हुए हैं, या फैटी लिवर की बीमारी है, ताे पहले इन समस्याओं काे सुलझाएं. उसके बाद ही प्राेटीन पाउडर लें.
कितना पानी पीएं?
प्रत्येक ग्राम प्राेटीन काे किडनी के जरिये यूरिया बाहर करने के लिए ज्यादा पानी चाहिए. यदि पानी कम और प्राेटीन अधिक लेते हैं, ताे कब्ज, डिहाइड्रेशन व किडनी पर दबाव बढ़ सकता है. प्राेटीन के साथ दिन में तीन लीटर पानी जरूर पीएं.