नई दिल्ली, 7 सितंबर (वि.प्र.)
महादेव ऐप के सरगना काे भारत लाने का प्रयास खटायी में पड़ गई है. 600 कराेड़ के घाेटालेबाज काे प्रत्यर्पित करने अब यूएई ने भी ओमान काे प्रस्ताव भेज दिया है. यदि साैरभ चंद्रकार काे ओमान काे साैंपा ताे भारत काे लंबा इंतजार करना पड़ेगा.
सूत्राें के अनुसार, भारतीय एजेंसियाें काे पता चला है कि संयुक्त अरब अमीरात ने भी ओमान काे साैरभ चंद्रकार के प्रत्यर्पण के लिए अनुराेध भेजा है. अधिकारियाें ने कहा कि इसका मतलब यह है कि भले ही भारत ओमान में प्रत्यर्पण का मामला जीत जाए, जिसमें महीनाें या साल भी लग सकते हैं. उसे भारत वापस लाने की समयसीमा प्रभावित हाेगी, क्याेंकि नई दिल्ली काे यूएई के अनुराेध पर ओमान के फैसले का इंतजार करना हाेगा. केंद्रीय जांच ब्यूराे (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दाेनाें चंद्रकार के प्रत्यर्पण की काेशिश कर रहे हैं, क्याेंकि राॅयल ओमान पुलिस ने इंटरपाेल के रेड नाेटिस के आधार पर उन्हें जून के आखिरी सप्ताह में मस्कट में हिरासत में लिया था. अधिकारियाें के अनुसार, वह 2019 से संयुक्त अरब अमीरात में छिपे हुए थे और इसी साल अप्रैल में फर्जी पासपाेर्ट का इस्तेमाल करके ओमान भाग गए थे.
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया, हमें पता चला है कि यूएई के अधिकारियाें ने भी चंद्रकार के प्रत्यर्पण के लिए ओमान काे कुछ अज्ञात आराेपाें पर अनुराेध भेजा है, जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं है. हम राजनयिक चैनलाें के माध्यम से ओमान के अधिकारियाें के साथ नियमित संपर्क में हैं, लेकिन इस नवीनतम घटनाक्रम से उन्हें जल्द से जल्द हासिल करने के हमारे प्रयासाें में देरी हाे सकती है. अधिकारियाें ने संकेत दिया कि चंद्रकार ने अपने सहयाेगियाें के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात में अपने खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज कराया हाेगा, जिसका हवाला अबू धाबी के प्रत्यर्पण अनुराेध में दिया गया है. दुबई भाग जाने के बाद, भारत द्वारा संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियाें काे दाे बार भेजे गए प्रत्यर्पण अनुराेध सफल नहीं हुए. वास्तव में, उन्हें 2024 में दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया.
चंद्रकार, जिनकी उम्र 30 वर्ष के आसपास बताई जा रही है, ने सह-संस्थापक रवि उप्पल के साथ मिलकर महादेव सट्टेबाजी साम्राज्य की स्थापना की थी. उप्पल नवंबर 2025 में संयुक्त अरब अमीरात से लापता हाे गए और खबराें के अनुसार वानुअतु भाग गए. महादेव से जुड़े कई प्लेटफार्माें और ऐप्स पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, भारत भर में चल रहे उनके अवैध सट्टेबाजी के संचालन लाेगाें काे पाेकर और अन्य कार्ड गेम, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस और फुटबाॅल मैचाें और यहां तक कि चुनाव परिणामाें पर भी अवैध दांव लगाने की अनुमति देते हैं.