आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी ने बात की

    16-May-2020
Total Views |

रवि _1  H x W:  
 
हर साल ७ दिन का लॉकडाउन करें, ताकि प्रकृति फिर से आनंदित हो
 
* मैं कौन हूं... इस धरती पर क्यों आया हूं, मेरा मकसद क्या हैं., इन रहस्यों को समझाइए?
श्री श्री: जिसके पास यह जवाब होगा, वो आपको कभी नहीं देगा. यह वह सवाल है, जो आपकी बुद्धि की परिप्नवता बताता है. इसलिए खुद से यह सवाल करते रहना चाहिए. इससे स्पष्टता आएगी और जीवन का मकसद मिलेगा. आप कौन हैं. यह अंतर्मन से जान सकते हैं.. जब आप यह जवाब पा लेते हैं. तो बाकी सब महत्वहीन हो जाता है, मुस्कान कभी खत्म नहीं होती.
 
* विश्वास और तर्क में से किसे चुनना चाहिए?
श्री श्री: लॉजिक हमेशा ज्ञान के दायरे में रहेगा. जितना आप जानते हैं., उतना ही तर्क कर पाएंगे. ज्ञान सीमित है. इसलिए तर्क भी सीमित हो जाता है.
 
* ईगो क्या है? कैसे बाहर निकल सकते है?
श्री श्री: आप इससे निकलना क्यों चाहते हैं.. कोई कहे कि म।लशपीं; अपने ईगो से निकल गया हूं तो यह सबसे बडा ईगो है. ईगो मोटिवेट भी करता है. जैसे अहंकार पर चोट लगने पर व्यक्ति खडा होता है और काम में जुट जाता है.
 
* इस जीवन के बाद ्नया होता हैं.. इसमें अलग-अलग थ्योरी है? विज्ञान कहता है जो है यहीं और अभी है?
श्री श्री: विज्ञान की शाखा एक परामनोविज्ञान है. निमहांस (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस) में भी अलग विभाग है, जो पिछले जन्म और हमारी चेतना पर स्टडी कर रहा है. शरीर खत्म हो जाता है. हमारी चेतना कहां चली जाती है. इस पर दुनियाभर में शोध हो रहा है.
 
* हमारे दिमाग में आवाज आती रहती है, यह कभी आपके पक्ष में तो कभी खिलाफ बात करती है. इसे कैसे कंट्रोल करें?
श्री श्री: हमारे भीतर एक चेतना होती है, जो हमें सही और गलत बताती है. कभी-कभी हमारा तनाव बढ जाता है तो यह आवाज साफ नहीं आती है, तभी कन्फ्यूजन बढता जाता है. ऐसे में तनाव छोड रिलै्नस करो. मेडिटेशन करो. तनाव खत्म हो जाएगा तो यह आवाज साफ सुनाई देगी.
 
* जीवन पहले से लिखा हुआ है या हम इसे खुद बनाते हैं.. भाग्य क्यों होता है?
श्री श्री: कुछ चीजें तय हैं. और कुछ हम बदल सकते हैं.. जैसे आपकी हाइट ५ फीट १० इंच हो तो यह भाग्य है. इसे घट-बढा नहीं सकते हैं., पर वजन घटा-बढा सकते हैं.. जीवन स्वतंत्रता और पहले से तय भाग्य का कॉम्बिनेशन है.
 
* आजकल सबको फोन एडि्नशन है. यह ड्रग एडि्नशन जैसा है. कैसे आजादी पाएं?
श्री श्री: फोन का इस्तेमाल विवेकानुसार करना चाहिए. सोते व्नत ऑफ कर दें. उठने के एक घंटे बाद ऑन करें. महिलाओं से कहूंगा खाने की टेबल पर सबसे मोबइल ले लीजिए.
 
* लॉकडाउन में आकाश ज्यादा नीला दिख रहा है. डर है कि लॉकडाउन के बाद कहीं लोग टूट न पडे और स्थिति न बिगड जाए?
श्री श्री: मैं तो कहूंगा तो हमें हर साल ७ दिन के लिए पूरी तैयारी के साथ ऐसा लॉकडाउन करना चाहिए, ताकि प्रकृति फिर से आनंदित हो सके.