सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी का बजट पेश

AajKaAanad    27-Jun-2020
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५९५ करोड १४ लाख रुपए जमा तो ६५६ करोड ३८ लाख ४५ हजार रुपए खर्च का प्रावधान ुणे यूनिवर्सिटी, २६ जून (आ.प्र.) सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी का सत्र २०२०-२१ का बजट गुरुवार २५ जून को पेश किया गया. यह बजट ऑनलाइन सीनेट सभा में मैनेqजग काउंसिल के सदस्य राजेश पांडे ने पेश किया.
 
इस बजट में ५९५ करोड १४ लाख रुपए जमा तो ६५६ करोड ३८ लाख ४५ हजार रुपए खर्च का प्रावधान किया गया. इस वजह से बजट में ६१ करोड २४ लाख ४० हजार रुपयों का घाटा अपेक्षित है. यह बजट प्रत्यक्ष रुप में मार्च महीने में तैयार किया गया था लेकिन कोरोना संकट के कारण खर्च पर होने वाले असर के दौरान नये खर्च और हेड में दर्ज नहीं होने के बावजूद कुलगुरु डॉ. नितिन करमलकर और राजेश पांडे ने अपने भाषण में इस अनपेक्षित परिस्थिति का उल्लेख किया है. यह बैठक अगले आदेश तक स्थगित की गई.
 
कमवा व शिकवा योजना के लिए ७ करोड का प्रावधान इस बजट में विद्यार्थियों की सेवा और सुविधाओं के लिए ३६ प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया. विद्यार्थियों के लिए अनेक प्रोजेक्ट शुरु करने का निश्चित किया गया है. जिसके लिए २१ करोड ८७ लाख रुपयों का प्रावधान किया गया है. कर्मवीर भाउराव पाटिल कमवा व शिकवा योजना के लिए ७ करोड रुपए का प्रावधान किया गया. २०१९ में महाराष्ट्र में बाढ की स्थिति में यूनिवर्सिटी ने सर्वोपरी कार्य किए थे. ऐसी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए तथा उपयुक्त सेवा देने के लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने हेतु २ करोड रुपए का प्रावधान किया गया है. विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना व विद्यार्थी आपातकालीन सहायता के लिए ४० लाख, बीमा संरक्षण में दुगनी वृद्धि के साथ चिकित्सा खर्च में भी वृद्धि की गई है. पिछले साल की तुलना में १५ हजार से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. बाढग्रस्त और सूखाग्रस्त क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह योजना नए सिरे से शुरु की जाएगी. इसके लिए ३ करोड २५ लाख रुपयों का प्रावधान किया गया है.
 
सांस्कृतिक महोत्सव के लिए १२ करोड का प्रावधान विद्यार्थियों के सांस्कृतिक महोत्सव और प्रतियोगिताओं में सहभाग बढाने के लिए गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के तहत क्रीडा सामग्री या संगीत वादन सामग्री के लिए १२ करोड रुपयों का प्रावधान किया गया है. समर्थ भारत अभियान के लिए एक करोड ५०लाख रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा सांस्कृतिक प्रोजेक्ट के लिए २ करोड, क्रीडा प्रोत्साहन योजना के लिए २५ लाख, उच्चतम क्रीडा कौशल्य के लिए २५ लाख रुपयों का प्रावधान किया गया है.