विभिन्न राज्याें के लाेगाें काे बातचीत हेतु हिंदी सबसे उपयुक्त भाषा

    15-Sep-2020
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CWPRS के हिंदी दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय जल अकादमी के चीफ इंजीनियर अशाेककुमार खरया ने कहा
 
इंग्लिश के कईं शब्द दैनिक कामकाज एवं व्यवहार हेतु प्रयु्नत किए जाते हैं, मगर देश काे स्वतंत्र हुए 73 वर्ष बीत चुके हैं. उसके लिए हिंदी ही सबसे उपयु्नत भाषा है. यह राय राष्ट्रीय जल अकादमी के चीफ इंजीनियर अशाेककुमार खरया ने व्य्नत की. वे केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्ल्यूपीआरएस) में हिंदी दिवस पर आयाेजित कार्यक्रम में संबाेधित कर रहे थे. साेमवार काे संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सीडब्ल्यूपीआरएस के निदेशक अखिलेशकुमार अग्रवाल, राजभाषा प्रभारी सहायक निदेशक दिनेशकुमार अवस्थी, सीडब्ल्यूपीआरएस के मुख्य प्रशासकीय अधिकारी राजेंद्र अस्वले आदि उपस्थित थे. अशाेककुमार खरया के हाथाें सीडब्ल्यूपीआरएस की 27वीं वार्षिक पुस्तिका का विमाेचन किया गया.
 
अशाेककुमार खरया ने कहा, ‘अन्य भाषाओं का इस्तेमाल करने वाले नागरिकाें के लिए हिंदी सीखना काफी आसान है. हिंदी एवं अन्य भाषाओं के बीच किसी तरह की प्रतियाेगिता नहीं है. विभिन्न राज्याें के नागरिकाें के लिए विचाराें के आदान-प्रदान हेतु हिंदी भाषा सबसे ज्यादा उपयु्नत है. हिंदी दिवस पर अधिकारी व कर्मचारी अधिकाधिक कामकाज हिंदी में ही करें.’ अखिलेशकुमार अग्रवाल ने कहा, ‘हिंदी हमारे देश में सबसे ज्यादा बाेली जाने वाली भाषा है. हिंदी फिल्माें एवं टीवी सीरियलाें के लाेकप्रिय हाेने के चलते यह सभी जगहाें पर पहुंच चुकी है. हिंदी पूरे राष्ट्र काे एक सूत्र में बांधने में सक्षम है. हिंदी काे प्राथमिकता दिए जाने हेतु केंद्र सरकार द्वारा नई-नई याेजनाएं चलाई जाती हैं. कर्मचारी उनका लाभ उठाएं.’
 
इस अवसर पर हिंदी पखवाड़ा में आयाेजित विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं काे अतिथियाें के हाथाें पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम का सूत्रसंचालन आनंद चव्हाण व आभार प्रदर्शन वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी उमा गंगाधरन ने किया.