महंगाई व फाेन टैपिंग काे लेकर संसद में भारी हंगामा

    20-Jul-2021
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लाेकसभा और राज्यसभा दाेनाें सदनाें में विपक्ष ने सरकार काे जमकर घेरा; जाेरदार नारेबाजी
 

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संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही. महंगाई व फाेन टैपिंग काे लेकर संसद में भारी हंगामा हुआ. लाेकसभा और राज्यसभा दाेनाें सदनाें में विपक्ष ने सरकार काे जमकर घेरा. विपक्ष ने प्रधानमंत्री काे नए मंत्रियाें का परिचय तक नहीं देने दिया. इसके बाद सदन का कामकाज मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.पीएम ने कहा, ओबीसी, दलित, महिलाओं का मंत्री बनना विपक्ष काे रास नहीं आ रहा है. हर मुद्दे पर सरकार चर्चा करने काे तैयार है. लाेकसभा में विपक्ष ने किसान आंदाेलन, पेट्राेल-डीजल के बढ़ते मूल्याें व महंगाई के मुद्दे उठाए. कांग्रेस सहित विपक्षी दलाें के सांसद बाेर्ड लेकर पहुंचे.राज्यसभा में भी हंगामा हुआ. इजरायली साॅफ्टवेयर के इस्तेमाल से 40 पत्रकाराें की जासूसी, फाेन टैपिंग के आराेप लगाए, प्रधानमंत्री काे बाेलने तक नहीं दिया गया. सरकार ने सभी आराेपाें से इनकार किया है.
 
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आराेपाें का खंडन करते हुए इसे देश के संस्थानाें की छवि खराब करने की साजिश करार दिया.नए सदस्याें की शपथ के बाद माेदी नए मंत्रियाें का परिचय देने खड़े हुए, ताे विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. सदन की कार्यवाही शुरू हाेने के 8 मिनट बाद ही विपक्ष के सांसद नारेबाजी करने लगे. प्रधानमंत्री अपने मिनिस्टर्स काे इंट्राेड्यूस भी नहीं करा सके, ताे अध्यक्ष ने कार्यवाही काे स्थगित कर दिया. आखिर में कार्यवाही काे मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया.लाेकसभा के बाद प्रधानमंत्री राज्यसभा पहुंचे. वहां भी माेदी के भाषण शुरू करते ही हंगामा शुरू हाे गया.हंगामा बढ़ते देख पीएम ने लाेकसभा में कही बाताें काे दाेहराया और कहा कि, मंत्रिमंडल में नवनियुक्त सदस्याें काे राज्यसभा में इंट्राेड्यूस माना जाए. हंगामे के चलते राज्यसभा दाे बार स्थगित करनी पड़ी और दाेपहर 3.30 बजे इसे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया.
 
हंगामे पर माेदी ने कहा, मैं साेच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण हाेगा क्याेंकि बहुत बड़ी संख्या में हमारी महिला सांसद, दलित भाई, आदिवासी, किसान परिवार से सांसदाें काे मंत्री परिषद में माैका मिला.उनका परिचय करने का आनंद हाेता, लेकिन शायद देश के दलित, महिला, ओबीसी, किसानाें के बेटे मंत्री बनें ये बात कुछ लाेगाें काे रास नहीं आयी है. इसलिए उनका परिचय तक नहीं हाेने दिया.माेदी के इस स्टेटमेंट पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमाेहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रहे संजय बारू ने साेशल मीडिया में लिखा, आपकाे याद हाेगा कि जुलाई 2004 में तब प्रधानमंत्री रहे मनमाेहन सिंह काे भी सदन में बाेलने नहीं दिया गया था. वे राष्ट्रपति के प्रस्ताव पर धन्यवाद तक नहीं दे सके थे. बारू 2004 से 2008 के दाैरान प्रधानमंत्री मनमाेहन सिंह के मीडिया एडवाइजर और झचज के चीफ स्पाेक्सपर्सन रहे थे.