पुणे, 19 नवंबर (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
शहर सहित पूरे जिले में सर्दी, बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. कड़ाके की ठंड और वायु प्रदूषण के कारण वायरल बीमारियां बढ़ी हैं, डॉक्टरों ने बताया है कि उचित आहार और व्यायाम आपको जल्दी ठीक होने में मदद करेगा. दिवाली के दौरान बड़े पैमाने पर आतिशबाजी के कारण शहर में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई. सचमुच सांस लेना कठिन था. सुबह-सुबह पड़ने वाली कड़ाके की ठंड के साथ ही वायरल बीमारियों में भी बढ़ोतरी हुई है. यह देखा गया है कि इस संक्रामक बीमारी के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में सांस की समस्या वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है. घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन लक्षणों के अनुसार इलाज करना जरूरी है.
सावधानी बरतना जरूरी
- लक्षणों के अनुसार इलाज लेना जरूरी है
- अस्थमा के मरीज विशेष सावधानी रखें.
- वायु प्रदूषण कम होने तक ठंड के मौसम में सुबह की सैर से बचें
- खूब पानी पीएं, उचित और पौष्टिक भोजन करें
इन बातों का रखें ध्यान
- यह वायरल बीमारी है और एक हफ्ते में उपचार से ठीक हो जाती है
- बेवजह घबराने की कोई बात नहीं है
- लक्षण गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लें.
अस्थमा मरीजों को सावधानी बरतना जरूरी
मौसम में जारी बदलाव के कारण शहर में ेशसन से संबंधित वायरल रोगों में वृद्धि हुई है. अस्थमा के मरीजों को इस दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है.
- डॉ. संजीव वावरे (सहायक स्वास्थ्य प्रमुख, पुणे मनपा)
कुछ दिन बाहर जाने से बचने का प्रयास करें बढ़ते प्रदूषण के कारण अस्थमा से पीड़ित लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. हवा की गुणवत्ता में सुधार होने तक सुबह और शाम को बाहर जाना बंद कर दें. पानी का भरपूर मात्रा में सप्लीमेंट लेना जरूरी है.
- डॉ. नागनाथ यमपल्ले (जिला - सर्जन)