गंगा में हानिकारक रंगाें काे खत्म करेगा बैक्टीरिया

11 Apr 2023 14:46:36
 

Ganaga 
 
माेक्षदायिनी गंगा के जल काे प्रदूषण मु्नत करना सरकार और वैज्ञानिकाें के लिए किसी चुनाैती से कम नहीं. इस दिशा में वैज्ञानिकाें के एक दल काे बड़ी सफलता मिली है. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बायाेटे्ननाेलाॅजी विभाग की प्राे. शांथी सुन्दरम की अगुवाई वाली वैज्ञानिकाें की टीम ने एक ऐसे बैक्टीरिया काे ढूंढ़ निकाला है, जाे गंगाजल में माैजूद हानिकारक रसायनाें काे खत्म करने में सक्षम है.
वैज्ञानिकाें की इस टीम ने 167 जीवाणु विभेदाें काे विलग किया, जिसमें से पांच बिल्कुल नए हैं इनमें से एक जिसे ‘लै्नटाेबैकुलिस प्लैंटेरम इस.इस.एयू 1’ नाम दिया गया है, इसे जीन बैंक शामिल किया गया है. इसकी खासियत यह है कि ये डाई यानी हानिकारक कृत्रिम रंगाें काे समाप्त करने में बहुत प्रभावी है.
 
बैक्टीरिया प्रयागराज के झूंसी स्थित नागेश्वर गंगा घाट के लगभग पांच किमी के दायरे में महाशिवरात्रि के समय लगभग 20 दिनाें तक ही पाया गया है. यह नया जीवाणु कै्नटाेबैकुलिस प्लैंटेरम एस.एस. एयू 1 24 घंटे में डाई काे 12 गुना तक समाप्त करता है. इस शाेध कार्य काेसाथ ही यह 420 प्रतिशत लवणीय सांद्रता में अच्छी तरह से जीवित रहता है. यह बायाे रिमिडिएशक की तरह प्रदूषित जल के उपचार व जल की गुणात्मक शुद्धि में कारगर साबित हाे रहा है.वैज्ञानिकाें की टीम में शामिल प्राे. शांथी सुन्दरम के निर्देशन में शाेध करने वाले एक वैज्ञानिक डाॅ. आदिनाथ ने बताया कि यह
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