भारतीय ज्ञान प्रणालियां विकसित करना जरूरी

केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने आयशर के दौरे में व्यक्त की राय

    18-Apr-2023
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पाषाण, 17 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
 
केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने सोमवार को आयशर पुणे का दौरा किया तथा अनुसंधान और शिक्षण गतिविधियों के बारे में जानने के लिए संस्थान के सदस्यों के साथ बातचीत की. शिक्षा राज्यमंत्री के कार्यालय से पी.के. सिंह और शुभम तथा राजेश क्षीरसागर (महाराष्ट्र राज्य सरकार के उप शिक्षा निदेशक) दौरे पर उनके साथ उपस्थित थे. अधिष्ठाता, अनुसंधान एवं विकास प्रो. अंजन बनर्जी ने डॉ. सुभाष सरकार को आयशर पुणे के अनुसंधान, शिक्षा और आउटरीच गतिविधियों पर विवरण प्रस्तुत करने के साथ-साथ इस संबंध में संस्थान द्वारा की गई प्रगति के बारे में भी बताया. संस्थान के संकाय सदस्यों को प्रदान किए गए पेटेंट के संदर्भ में डॉ. सरकार ने प्रस्तावित उत्पादों के संभावित अनुप्रयोगों के बारे में और अधिक जानने में रुचि व्यक्त की. डॉ. सरकार ने उच्चतर शिक्षा संस्थानों में समग्र और समृद्ध सीखने का अनुभव प्रदान करने में पाठ्येतर गतिविधियों के महत्व के बारे में बात की, तथा संस्थान में छात्र क्लबों द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों की सराहना की. उन्होंने हमारे मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण में पाठ्येतर गतिविधियों के लाभों के बारे में बताया.
 
डॉ. सरकार ने भारतीय ज्ञान प्रणालियों के क्षेत्र में जागरूकता विकसित करने और पैदा करने, अंतरराष्ट्रीयकरण के महत्व, तथा हमारे छात्रों और भूतपूर्व छात्रों के साथ जुड़ने के महत्व के बारे में बात की. मंत्री डॉ. सरकार ने परिसर में सुपर कम्प्यूटर परम ब्रह्मा सहित अनुसंधान सुविधाओं का दौरा किया. उन्होंने परिसर में विज्ञान गतिविधि केंद्र का भी दौरा किया. डॉ. सरकार ने प्रधानमंत्री शोध छात्रवृत्ति पाने वाले कई शोध छात्रों पर ध्यान दिया और उनके साथ बातचीत करने में रुचि व्यक्त की. उन्होंने एक देश के रूप में भारत के सामने चुनौतियों और हम में से प्रत्येक उनका सामना करने में कैसे योगदान दे सकता है, पर चर्चा की. उन्होंने शोध छात्रों से विचार और राय मांगी कि सरकार के कौन से उपाय वर्तमान और भविष्य में शोधकर्ताओं को सहायता प्रदान कर सकते हैं. ताकि ज्ञान को आगे बढ़ाने और उससे समाज को सार्थक तरीके से योगदान देने में सक्षम हो सकें.