गरीबी का कारण हमारी मूढ़ता और निष्क्रियता है !

13 Jul 2023 12:01:26
 
 

Osho 
 
जाे धन तुम्हारे पास आया है, वह इसीलिए आया है कि किसी के पास से चला गया है. और तुम्हारे पास भी ज्यादा देर नहीं रह सकता, क्याेंकि किसी और के पास उसे जाना है. अंग्रेजी में जाे शब्द है धन के लिए- करेंसी, वह बिल्कुल ठीक है, वह ‘करेंट’ से बना है- जैसे धार नदी की...एक हाथ से दूसरे हाथ में धन बहता रहता है- यही उसकी करेंसी है. लेकिन तुमने धन काे पकड़ लिया, गड्ढा खाेदकर घर में हंडे में बंद कर के दबा दिया. वह धन न रहा, मिट्टी हाे गया. धन ताे तभी तक धन है, जब एक हाथ से दूसरे हाथ में जाता रहे. इसलिए कंजूस धन काे मार डालता है. उसके हाथ में धन मिट्टी हाे जाता है. उसका काेई अर्थ ही नहीं रहा. तुमने अपनी तिजाेरी में कंकड़-पत्थर भरकर रख लिए, कि नाेट भरकर रख लिया- क्या फर्क है? जब तक तिजाेरी से नाेट चले नहीं, एक हाथ से दूसरे हाथ में न जाये, तब तक वह धन है ही नहीं.
 
इसलिए भारत में जितना धन है, उतना धन नहीं है.और अमेरिका में जितना धन है, उससे हजार गुना धन ै. क्याेंकि पैसा चलता है, सरकता है. र्सिफ अमेरिकन जानता है- धन काे हजार गुना करने का उपाय, इसलिए धनी है. मुझसे लाेग आकर पूछते हैं, विशेषकर जाे अमेरिका से आते हैं, वे मुझसे पूछते हैं कि भारत गरीब क्याें है? -क्याेंकि भारत मूढ़ है. गरीबी माैलिक नहीं, मूढ़ता माैलिक है. मूल में मूढ़ता है. यहां धन काे पकड़ने की आदत है, यहां धन काे जीने की आदत नहीं है. यहां हर चीज काे पकड़ने की आदत है. यहां जाे मिल जाये, उस पर कब्जा कर लाे, मुट्ठी बंद कर लाे! संभाल कर बैठ जाओ. अमेरिका उछालता है, जाे है, उसका उपयाेग कर लाे.
 
असल में अमेरिका, जाे नहीं है, उसका भी उपयाेग करता है. अभी कार खरीद लेगा और दस साल पैसे चुकायेगा. अभी है ही नहीं पैसे. दस साल में पैसे हाेंगे. कमायेगा- तब चुकायेगा. इंस्टाॅलमेंट पर खरीद लेगा. इंस्टाॅलमेंट पर खरीदने का मतलब है, तुम्हारे पास जाे धन अभी नहीं है, वह तुमने खर्च कर दिया.यहां भारत में जाे धन तुम्हारे पास है, उसकाे भी तुम खर्च नहीं करते. बुद्ध की एक कथा में एक आदमी मर गया- नगर श्रेष्ठी- अपुत्रक. और जब मर गया, ताे उसके घर से सात दिन तक बैलगाड़ियाें में भरकर धन ढाेया गया. और वह न ताे खुद कभी खाया ठीक से, न कभी पीया ठीक से. उसने कपड़े नहीं पहने ठीक से. जराजीर्ण कपड़े पहनता रहा. वह पुराने टूटे-ूटे रथाें पर चलता रहा. रूखा-सूखा खाता रहा. यह शुद्ध भारतीय था! यही भारतीय भारत की गरीबी के पीछे कारण है. चीजाें काे बहने दाे. चीजाें काे चलने दाे, गतिमान हाेने दाे.
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