नई दिल्ली, 23 फरवरी (आ.प्र.)
टेक्सटाइल्स के मामले में ग्लोबल लेवल पर ब्रांड इंडिया को नई पहचान देने के इरादे से राष्ट्रीय राजधानी में 26 से 29 फरवरी तक चार दिवसीय Bharat Tex 2024 का आयोजन किया जाएगा. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इसमें टेक्सटाइल्स में भारत की समृद्ध विरासत के साथ आज के दौर में हो रही तरक्की को शोकेस किया जाएगा. भारत मंडपम और यशोभूमि में करीब 22 लख वर्ग फीट एरिया में होने वाले इस आयोजन में टेक्सटाइल्स से जुड़ी 10 अलगअलग थीम्स पर आधारित फैशन शो होंगे. पीएम नरेंद्र मोदी भारत टेक्स 2024 का उद्घाटन करेंगे. इसमें H&M, टारगेट, एंको, तेइजिन, Fortum और ब्रैंडिक्स अपैरल्स, रिलायंस ग्रुप, आदित्य बिड़ला ग्रुप, अरविंद फैशन, ट्राइडेंट सहित 3000 से ज्यादा देसी-विदेशी कंपनियां शिरकत करेंगी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साल 2030 तक भारत का कुल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट 100 अरब डॉलर और इसमें अपैरल एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 40 अरब डॉलर तक ले जाने की दिशा तय करने के लिहाज से यह आयोजन अहम होगा. इसमें देश-विदेश के 3,000 से अधिक एग्जिबिटर भागीदारी करेंगे.
भारत टेक्स 2024 में सस्टेनेबिलिटी और मजबूत वैल्यू चेन पर फोकस होगा. भारत दुनिया में टेक्सटाइल्स का तीसरी बड़ा एक्सपोर्टर है. कपास जैसे नैचुरल फाइबर के मामले में भारत सबसे आगे है. दुनिया में कपास के कुल रकबे का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा भारत में है. भारत का टेक्सटाइल्स मार्केट 150 अरब डॉलर का है. एक्सपोर्ट मार्केट 40 अरब डॉलर है. बांग्लादेश और वियतनाम कुछ मामलों में टक्कर दे रहे हैं, लेकिन उनकी सीमा यह है कि वे कुल मिलाकर अपैरल कंट्री ही है. वहीं, भारत के पास पूरी वैल्यू चेन है. ऐसी क्षमता के साथ ग्लोबल वैल्यू चेन में भारत की दमदार मौजूदगी कैसे बढ़ाई जाए और टेक्सटाइल्स में अधिक से अधिक विदेशी निवेश किस तरह आकर्षित किया जाए, भारत टेक्स 2024 में इस पर मंथन होगा.
ऐसे कई विषयों पर 70 से अधिक सेशन होंगे. इन्हें टॉमी हिलफिगर, नाइकी, एचएंडएम जैसी कंपनियों के टॉप ऑफिशियल्स भी संबोधित करेंगे. अधिकारी ने बताया कि आदित्य बिड़ला ग्रुप, रिलायंस ग्रुप, वेलस्पन, ट्राइडेंट, अरविंद फैशन, पीडीएस ग्रुप और शाही ग्रुप जैसे नाम इस आयोजन में बतौर पार्टनर और स्पॉन्सर शिरकत करेंगे. तुर्की, ऑस्ट्रेलिया,रूस, मिस्र सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल होंगे. इनके लिए खास पवेलियन भी होंगे. इसके साथ ही महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे टेक्सटाइल्स के मामले में अग्रणी राज्यों के अपने पवेलियन होंगे.