सिर्फ ज्वेलरी नहीं बेचते; ग्राहकों से पारिवारिक संबंध भी बनाते हैं

गोल्ड मार्ट की निदेशक संगीता ललवाणी द्वारा दै. ‌‌‘आज का आनंद" से बातचीत में जानकारी

    10-Oct-2025
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पुणे का प्रसिद्ध आभूषण ब्रांड गोल्ड मार्ट 22 अक्टूबर से अपना रजत महोत्सव वर्ष (सिल्वर जुबिली) मना रहा है. कस्टमाइअड डिजाइन, अनोखे और विविध आभूषण, पुणे का पहला बीआईएस हॉलमार्किंग वाला आभूषण ब्रांड, जैसी गोल्ड मार्ट की कुछ खासियतें हैं. इसके अलावा, यह भी खास है कि आभूषण व्यवसाय में एक महिला उद्यमी लगातार 25 वर्षों से सफलतापूर्वक इस व्यापार में मजबूती से जमी हुई है. इस उपलक्ष्य में, आज का आनंद के विशेष संवाददाता स्वप्निल बापट द्वारा किया गया गोल्ड मार्ट की निदेशक संगीता विकास ललवाणी के साथ एक विशेष साक्षात्कार.

आभूषण पहनकर ग्राहक अच्छी दिखे 
मैं जल्दी ही पहचान लेती हूं कि किसी लड़की को कौन सा आभूषण, डिजाइन सबसे अयादा पसंद आएगा और कौन सा आभूषण, उस पर अच्छा लगेगा. जब ग्राहक हमारे पास आते हैं, तो मैं उनसे कंसल्टेशन करती हूं. सिर्फ ज्वेलरी बेचना ही अपना एकमात्र काम नहीं मानती. मेरा उद्देश्य यह है कि ग्राहक महिला उस आभूषण को पहनकर अच्छी दिखे, अच्छी लगे. अगर ग्राहक खुश होंगे, तो हम भी खुश होंगे. ऐसा होने पर ही ग्राहक हमारी दुकान पर दोबारा आएंगे. इस तरह की कार्यशैली और इससे मिलने वाला प्रचार मेरे लिए हमेशा उपयोगी रहा है.  
 

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सवाल : यह व्यवसाय कैसे शुरू हुआ.. और अब पीछे मुड़कर देखकर आपको कैसा लगता है..?
जवाब :
मेरे पति विकास ललवाणी जलगांव के प्रसिद्ध आभूषण ब्रांड आरएल के छठी पीढ़ी के जौहरी हैं. उन्होंने पुणे में व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया और तब से हम साथ मिलकर यह काम कर रहे हैं. कुछ साल बाद, उन्होंने दूसरा व्यवसाय शुरू किया, लेकिन मैं इस व्यवसाय में बनी रही.

सवाल : इस व्यवसाय में करियर बनाने का फैसला करने के बाद आपने क्या नई चीजें सीखीं..?
जवाब :
जब मेरे पति विकास ने पुणे में यह व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया, तो हमने सिर्फ 15 दिनों में पूरी दुकान खड़ी कर ली थी. उस समय, मुझे इस व्यवसाय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. मुझे नहीं पता था कि 24 कैरेट सोने का क्या मतलब होता है, 22 कैरेट का क्या मतलब होता है.. 916 का क्या मतलब होता है.. इसकी कीमतें कैसे तय होती हैं. विकास ने मुझे वो सिखाया जो एक छात्र को सिखाया जाना चाहिए. इस व्यवसाय को शुरू करने के बाद, हम ही थे जिन्होंने पुणे में सार्वजनिक रूप से बताया था कि 22 कैरेट का मतलब 91.6 प्रतिशत होता है. उसी दौरान, हमें अपना पहला बीआईएस हॉलमार्क मिला था.

सवाल : लगभग 25 साल पहले स्थिति अलग थी. स्वाभाविक रूप से, इस व्यवसाय में टिके रहने की चुनौतियां भी अलग होंगी. आप इस बारे में क्या कहना चाहेंगी?
जवाब :
पुणे के ग्राहक बहुत अयादा चयनशील होते हैं. यहां टिके रहना बहुत मुश्किल है. हाल ही में मोदी सरकार ने 916 को अनिवार्य कर दिया है, जिससे पारदर्शिता आई है. इससे समान अवसर पैदा हुए हैं. छिपाए गए मुनाफे गायब हो गए हैं. हमने जब व्यवसाय शुरू किया तब, दो चुनौतियां महत्वपूर्ण थीं. पहली, 25 साल पहले हम इस व्यवसाय में बिल्कुल नए थे. इसके अलावा, हमारे मेकिंग चार्ज बहुत अयादा दिखते थे. क्योंकि, अच्छा सोना और अच्छी कारीगरी प्रदान करने के बावजूद, कुछ अन्य ज्वेलर्स की तुलना में हमारी आय कम होती थी. इसलिए हमने भारत सरकार से संपर्क किया और उन्होंने हमें बीआईएस हॉलमार्क लाइसेंस दे दिया. यह लाइसेंस पाने वाले हम पुणे के पहले ज्वेलर थे. उसी समय, हम एक और मशीन लाए, जो कैरेटोमीटर थी. जब हम अपने गहने इस मशीन में डालते थे, तो ग्राहक उसमें सोने और चांदी की सही शुद्धता देख सकते थे. इसलिए इस बारे में मुझे कम बोलना पड़ता था. ग्राहक पंचायत के संस्थापक बिंदुमाधव जोशी (नाना) को यह बात पता चली. वे स्वयं यहां आए. उन्होंने कैरोटोमीटर मशीन देखी. उन्हें यह विचार बहुत पसंद आया कि सोने की शुद्धता की मशीन द्वारा जांच की जा सकती है. फिर उन्होंने यहां आम लोगों के लिए सोने की जांच के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया. यह ग्राहकों के साथ-साथ हमारे लिए भी एक बड़ा लाभदायक साबित हुआ और गोल्ड मार्ट पुणे में एक ब्रांड के रूप में प्रसिद्ध हो गया. लोगों को सोने की शुद्धता का पता भी चला, लेकिन साथ ही, एक ब्रांड के रूप में हमें भी यह फायदा हुआ कि लोग गोल्ड मार्ट आए और उन्होंने देखा कि यहां के डिजाइन बहुत अनोखे हैं.

सवाल : व्यापार करते समय आपने किन बातों पर जोर दिया, जिन्हें गोल्ड मार्ट की विशेषता कहा जा सकता है..?
जवाब :
एक आम ग्राहक का विचार ऐसा होता है कि अगर 10 लोग एक ही तरह का नेकलेस पहन रहे हों, तो मैं उसे कभी नहीं पहनूंगी. मेरे पास जो गहने हैं, वे सिर्फ मेरे लिए हैं. जब मैं उन्हें पहनकर लोगों के सामने आती हूं, तो लोगों को जशर कहना चाहिए, अरे वाह.. आपने यह नेकलेस कहां से लिया.. यह बहुत सुंदर है.. गोल्ड मार्ट में, हम ग्राहकों से ऐसी ही प्रतिक्रिया सुनने के लिए काम करते हैं. इसके अलावा, हम आपको एक और बात का ओशासन दे सकते हैं कि जब आप उस आभूषण को पहनकर दोबारा गोल्ड मार्ट आएंगी, तो आपको हमारे डिस्प्ले में उसी डिजाइन की ज्वेलरी नहीं दिखेंगे. यही गोल्ड मार्ट की विशेषता है. हर डिजाइन अनोखा है. हर डिजाइन ख़ास है. आजकल की लड़कियां या महिलाएं रोज गहने नहीं पहनतीं, ख़ासकर वे जो शहर में रहती हैं. तो अगर कोई उस आभूषण को 10 साल बाद भी पहने, तो 25 साल बाद भी लोग कहें, वाह... क्योंकि, 20 साल में, वह आभूषण 20 बार भी नहीं पहना जाता. इसलिए, आज जब कई ग्राहक हमारे पास आते हैं, मुझ से मिलते हैं, तो कहते हैं, मैडम, वो ज्वेलरी सेट जो आपने हमें उस समय दिया था, हम अभी भी कभी पहनते हैं, तो लोग आज भी उसकी तारीफ करते हैं और पूछते हैं कि आपने यह आभूषण कहां से लिया. यहां हम फ!क्ट्री जैसा उत्पादन नहीं करते. हजारों एक जैसे आभूषण नहीं बनाए जाते. हर डिजाइन को अलग तरीके से तैयार किया जाता है. यहां वो अनोखा ज्वेलरी डिजाइन बनता जो आभूषण सिर्फ ग्राहकों के पास होता है, हमारे पास भी नहीं.

सवाल : लोग आपको एक ऐसी महिला के रूप में भी जानते हैं, जो 25 वर्षों से सर्राफा व्यवसाय कार्यरत है. आभूषण महिलाओं से जुड़ा क्षेत्र है. तो इससे आपको क्या लाभ हुआ..? आपने क्या प्रयोग किए..?
 जवाब :
एक महिला उद्यमी होने के नाते, ग्राहकों से बात करने और उनके साथ व्यवहार करने में मेरे लिए कई चीजें आसान हो गईं. मैंने देखा कि कई महिलाओं की चूड़ियां साड़ियों में फंस जाती थीं, जिससे चूड़ियां भी खराब हो जाती थीं और साड़ियां भी खराब होती थीं. ऐसा न हो, इसके लिए मैंने चूड़ियों का डिजाइन महिलाओं के अनुकूल (वुमेन फ्रेंडली) बनाया. यही हर आभूषण बनाते हुए सोचा. यह व्यवसाय महिला- केंद्रित डिजाइन (वुमेन सेंट्रिक) और समग्रता के साथ चलाया जाता है. इसके बाद, हमने हीरे के आभूषण शुरू किए. हमने इसमें आईजीआई (IGI) प्रमाणन शुरू किया. हमारा एकमात्र उद्देश्य हमारे पास आनेवाले ग्राहकों के साथ पारदर्शी लेन-देन करना था. इसके अलावा, कैरेटोमीटर होने से, हमने ग्राहकों को यह भी सिखाया कि उन्हें अपना सोना कैसे और किस कीमत पर बेचना चाहिए. यहां सोने की शुद्धता की जांच जनता के सामने की जाती है. सब कुछ उनकी आंखों के सामने होने से पारदर्शिता बनी रहती है.

सवाल : आपने बताया कि अपने ग्राहकों को शिक्षित किया. तो, गोल्ड मार्ट में इसका वास्तविक अनुभव किस प्रकार का होता है..?
जवाब :
हम इस बात पर जोर देते हैं कि ग्राहकों को सोने की पूरी कीमत मिलनी चाहिए. मैं आपको एक उदाहरण देती हूं. जब हमने यह व्यवसाय शुरू किया था, तो कुछ ग्राहक बताते थे कि हम आभूषण उसी दुकान में वापस बेचते हैं जहां से हम खरीदते हैं. इसलिए हमें सोने की शुद्धता की जांच करने की जशरत महसूस नहीं हुई. लेकिन, मेरा सवाल यह था कि अगर आप बैंक से कोई नोट निकालते हैं, तो क्या आप उसे उसी बैंक में वापस जमा करते हैं..? ऐसा नहीं है, तो सिर्फ में सोने के बारे में ऐसी सोच क्यों रखें. सोना तो सोना है. यह दुनिया में हर जगह एक जैसा ही है. और, आपने सोना किसी दुकान से खरीदा है. क्या होगा अगर आपकी अगली पीढ़ी किसी और शहर में रहती है और वे उसी दुकान पर वापस नहीं जा सकते..? मेरा मानना है कि अगर आपके पास सोना है और आप उसे बेचने जा रहे हैं, तो दुनिया की किसी भी दुकान में उसे पूरी कीमत मिलनी चाहिए. इसलिए शुद्धता जानना जशरी है. हमने इसी सोच के साथ गोल्ड मार्ट में ग्राहकों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई है.

 सवाल : एक महिला होने के नाते आपको इस व्यवसाय में किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा या फिर कुछ चीजें आसान हो गईं..?
जवाब :
जब मैंने पच्चीस साल पहले यह व्यवसाय शुरू किया था, तब मैं आभूषण व्यवसाय में पहली महिला थी. मैं आज भी इस जहाज की कप्तान हूं. लेकिन, एक महिला होने के नाते कोई समस्या नहीं आई, क्योंकि मैं इस व्यवसाय को लेकर गंभीर थी. जब लोगों को यह बात समझ में आई, तो उन्होंने भी उसी गंभीरता से मुझ से व्यवहार करना शुरू कर दिया. कई चीजें आसान हो गईं क्योंकि सभी ने मेरा बहुत साथ दिया. एक किस्सा यह है कि गोल्ड मार्ट के शुरुआती दिनों में, कुछ पुरुष ग्राहक भी दुकान पर आते थे. वे कीमत, मेकिंग चार्ज के बारे में निगोसिएशन करते थे. वे कहते कि अपने पति को बुलाओ. हमें सिर्फ उनके साथ ही यह सौदा पक्का करना है. इतनी छोटी लड़की से हम क्या बात करेंगे..? यह एक तरह से सच था, क्योंकि पच्चीस साल पहले, जब मैं काउंटर पर होती थी, तब वैसे ही हालात ऐसे ही थे. लेकिन, मैं दृढ़ रहती, सभी सवालों के जवाब देती थी. फिर धीरे-धीरे ग्राहकों को भी ये बातें समझ में आ गईं.

सवाल : आप हमेशा कहती हैं कि मैं सिर्फ आभूषण बेचने की दुकान नहीं चलाती. मुझे ग्राहकों की पसंद समझना और उन्हें जो सूट करें ऐसे आभूषण देना अच्छा लगता है. क्या आप इसे और स्पष्ट रूप से समझा सकती हैं..?
जवाब :
जब ग्राहक गोल्ड मार्ट आते हैं, तो हम उन्हें बताते हैं कि उन पर कौन सा आभूषण अच्छा लगेगा. यानी, हम उन्हें बताते हैं कि किस लड़की, महिला पर कौन सी लाइटवेट या हेवी ज्वेलरी अच्छी लगेगी. मान लीजिए कोई लड़की अमेरिका से आती है, तो हम उसे हेवी ज्वेलरी नहीं सुझाते हैं. क्योंकि, वहां वह लड़की इतने भारी आभूषण नहीं पहनेगी. मैं यहां सिर्फ गहने बेचने नहीं बैठी हूं. मैं यहां ग्राहकों के साथ पारिवारिक रिश्ते बनाने के लिए बैठी हूं. हमारे पास आने वाले 99 प्रतिशत ग्राहक महिलाएं हैं. अब मुझसे बेहतर कौन उन्हें बता सकता है कि उनकी स्किन टोन पर कौन सा आभूषण सूट करता है..? हमारे यहां ज्वेलरी खरीदने के लिए आनेवाली महिला किस क्षेत्र से है, उसकी पृष्ठभूमि क्या है, उसकी मानसिकता क्या है.. यह सब जानने के बाद, मैं उसे आभूषणों का सुझाव देती हूं. एक महिला उद्यमी होने के नाते, मैं निश्चित रूप से कह सकती हूं कि इससे मुझे फायदा हुआ है.

सवाल : गोल्ड मार्ट ने अपने-आप में एक प्रतिष्ठा अर्जित कर ली है. आप अपने कर्मचारियों को इसे बनाए रखने और बढ़ाने के लिए क्या सलाह देती हैं..?
जवाब :
मैं कर्मचारियों को बहुत कम और सटीक बातें बताती हूं. हमारे कर्मचारी बहुत अच्छे हैं. कुछ तो शुरू से ही हमारे साथ हैं. मैं उनसे बस यही कहती हूं कि आप जो अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकते हैं, उसे ग्राहकों को दें, क्योंकि ग्राहक ही राजा है. जो 1 ग्राम खरीदते हैं और जो 100 ग्राम खरीदते हैं, दोनों हमारे लिए एक जैसे हैं. वे ही हमारे घर की रौनक का कारण हैं. उन्हीं की वजह से हमारे घर का चूल्हा जलता है. इसलिए हमें उनका सम्मान करना चाहिए. हमें उनसे कभी बहस नहीं करनी चाहिए. उनसे बात करते समय विनम्रता जशरी है.

सवाल : पिछले पच्चीस वर्षों में इस व्यवसाय में क्या बड़े बदलाव आए हैं.. आपने इसका विशेष रूप से कैसे उपयोग किया..? जवाब : तकनीक ने हमेशा हमारी मदद की है. बीआईएस हॉलमार्क, केराटोमीटर, कोरोना के दौरान आभूषणों को स्टरलाइज करने के लिए इस्तेमाल की जानेवाली डीवीडी मशीन या बार कोडिंग, ये सभी हमेशा से फायदेमंद रहे हैं. अब हम एआई का उपयोग कर रहे हैं. तकनीक के मामले में सभी को अपग्रेड होना होगा.

सवाल : कई ग्राहकों के मन में यह सवाल भी होता है कि आपकी कहीं कोई शाखा क्यों नहीं है..?
जवाब :
गोल्ड मार्ट की कहीं कोई शाखा नहीं है, क्योंकि हमारे परिवार में मैं ही अकेली हूं जो यह व्यवसाय चलाती हूं. इसके अलावा, यह एक कस्टमाइअड व्यवसाय है. ग्राहक यहां मालिक से सीधे बात करना और मिलना पसंद करते हैं. मुझे लगता है कि मेरी भूमिका अक्सर एक पारिवारिक चिकित्सक (जैसे डॉक्टरी में जनरल प्रैक्टिसनर) की तरह होती है. यानी इस व्यवसाय में एक पारिवारिक जौहरी की है. मुझे ग्राहकों की पसंद के बारे में पता है.. उनकी रुचियां क्या हैं.. उनकी सोच क्या है.. उनका बजट क्या है.. यह मुझे वर्षों से पता है, क्योंकि, पच्चीस वर्षों में, हर ग्राहक के साथ एक ऐसा लगाव बन गया है. मैं खुद कई ग्राहक समारोहों में भी भाग लेती हूं. वे भी हमारे समारोहों में आते हैं. उनसे एक व्यक्तिगत रिश्ता बन गया है, ऐसा किसी कॉर्पोरेट स्टोर में नहीं हो सकता.

इस व्यवसाय में खुशनुमा माहौल

मुझे लगता है कि यह एक शाही व्यवसाय है. कोई और व्यवसाय इतना अयादा नकदी वाला नहीं हो सकता. यह एक खुशहाल व्यवसाय है. उदाहरण के तौर पर समझिये कि जब लोग खुश होते हैं, तो वे गहने खरीदने आते हैं. घर में कोई समारोह हो, कोई त्यौहार, कोई उत्सव हो, तो लोग उस खुशनुमा माहौल में गहने खरीदते हैं. मैं खुश रहती हूं क्योंकि मैं उस माहौल में रहती हूं. यही इस व्यवसाय की खासियत है. मेरे मन पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
 
 मेरे व्यक्तित्व में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं

पच्चीस साल पहले जब मैंने यह व्यवसाय शुरू किया था, तब मुझे इसके बारे में कुछ भी नहीं पता था. लेकिन, आज लोग मुझे सोने- चांदी की विशेषज्ञ कहते हैं. वे मुझसे जानकारी लेते हैं. मैं सोने-चांदी और आभूषणों पर लेख लिखती हूं. इसके अलावा, मेरे व्यक्तित्व में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि मुझमें बहुत धैर्य (पेशंस या संयम) आ गया है. रिटेल व्यापार में टिके रहने के लिए धैर्य बहुत जशरी है. ग्राहकों से बात करके और दूसरों के साथ व्यवहार करके मैंने शार्पनेस हासिल की है. एक व्यवसाय के तौर पर, कुछ दिन बहुत अच्छे होते हैं, और कुछ दिन बहुत बुरे. एक दिन बहुत अच्छा कारोबार होता है, जबकि दूसरे दिन कुछ नहीं होता. इन दोनों ही स्थितियों में, आपको शांत और स्थिर रहना होता है. पिछले पच्चीस सालों में इस व्यवसाय ने मुझे यही सिखाया है.
 
संपर्क :
गोल्ड मार्ट ज्वेल्स प्रा. लि.
रुणवाल रीजेंसी, साधु वासवानी चौक,
पुणे-411001.
मोबाइल नं - 9765410709
फोन - 020-26113881/82