बिबवेवाड़ी, 28 अगस्त (आ.प्र.)पर्यूषण पर्व के दौरान प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. के मार्गदर्शन में अष्टमंगल सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. विजेताओं को महाराज साहब की उपस्थिति में सम्मानित किया गया. यह प्रतियोगिता युगल धर्म संघ द्वारा आयोजित की गई थी. इस अष्टमंगल सजावट प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्रीति भंडारी, द्वितीय पुरस्कार रुचिरा संचेती और तृतीय पुरस्कार उचित लुंकड़ को मिला. वहीं प्रोत्साहन के तौर पर अमित लोढ़ा, अनिकेत चुत्तर, दर्शन सिंघवी, देशना गांधी, रमेश चोरड़िया, सुरभि ढाक और सुशीला संचेती को पुरस्कार दिया गया. सर्वश्रेष्ठ सजावट करने वाले प्रथम तीनों को क्रमशः - 1 लाख 8 हजार, 54 हजार, 27 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया. जबकि, 7 लोगों को प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में 9 हजार रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु मंगेश एवं शिल्पा कटारिया, दिनेश सरनोत, मनोज धोका, विनोद और राखी लुंकड़, शशिकांत और अचला भंडारी, विशाल और स्मिता जैन, अशोक भंडारी, महावीर चोरड़िया, हेमंत रायसोनी, राजेश नहार, रेखा कांगटानी, राहुल डागलिया, सचिन जैन ने विशेष योजना बनाई. इस पर्यूषण पर्व के दौरान घरों, दुकानों, कार्यालयों, उद्योगों, स्कूलों, कॉलेजों आदि सभी स्थानों पर अष्टमंगल की स्थापना की गई और हर्षोल्लास के साथ पर्यूषण पर्व मनाया गया. सुबह-शाम दोस्तों, परिवार, रिश्तेदारों और अन्य सभी लोगों के साथ क्षमा याचना की गई और दूसरों को भी क्षमा प्रदान की गई. सात दिनों तक प्रतिदिन अलग रंग के वस्त्र पहने गए.
मानवीय मूल्यों का उत्सव अध्यक्ष विजय भंडारी ने बताया कि युगल धर्म संघ की ओर से प.पू. प्रवीण ऋषिजी म.सा. के मार्गदर्शन में पर्यूषण पर्व उत्सव मनाने की योजना बनाई गई. स्थापना के लिए आवश्यक अष्टमंगल प्रतिमाएं प्रत्येक घर, दुकान, विद्यालय और औद्योगिक स्थल पर पहुंचाई गईं. इस सजावट प्रतियोगिता के माध्यम से महाराज साहब द्वारा बताए गए मानवीय मूल्यों का उत्सव मनाया गया.
प. पू. प्रवीण ऋषिजी ने की थी अपील हमारे यहां लोगों के उत्सव होते हैं. इतिहास, युद्ध, जन्म और मृत्यु के भी उत्सव होते हैं. हालांकि, हम वैचारिक मूल्यों का उत्सव नहीं मनाते. क्षमा, धैर्य और तप जैसे मूल्यों का महत्व प्राचीन काल से ही रहा है. इसलिए, जैन धर्मगुरु प. पू. प्रवीण ऋषिजी म. सा. ने इस पर्यूषण पर्व के दौरान इन मूल्यों का उत्सव मनाने की अपील की थी.