मध्य रेल ने बेटिकट यात्रियों से 183 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्माना वसूला

10 Jan 2026 14:14:53


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मुंबई, 9 जनवरी (वि.प्र.)

मध्य रेल ने अनधिकृत और बिना टिकट यात्रा को रोकने के लिए अपने पूरे नेटवर्क पर मजीरो टॉलरेंसफ की नीति अपनाते हुए एक बड़ा अभियान चलाया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) में रेलवे ने टिकट जांच के दौरान रिकॉर्ड 183.16 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है. पिछले वर्ष की इसी अवधि (151.99 करोड़ रुपये) की तुलना में यह 20% से अधिक की भारी वृद्धि है. रेलवे की समर्पित टिकट जांच टीमों ने इस अवधि में बिना टिकट या अमान्य टिकट के साथ यात्रा कर रहे 30.75 लाख यात्रियों को पकड़ा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 10% अधिक है. अकेले दिसंबर 2025 में ही 3.24 लाख मामले सामने आए, जिनसे 18.25 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया. मध्य रेल ने स्टेशनों पर एम्बुश चेक, फोर्ट्रेस चेक और मेगा टिकट चेकिंग अभियानों के जरिए मेल, एक्सप्रेस और उपनगरीय ट्रेनों में सघन जांच की है.
 
भुसावल और मुंबई मंडल सबसे आगे
जुर्माना वसूली के मामले में भुसावल मंडल शीर्ष पर रहा, जहाँ 7.54 लाख मामलों से 63.83 करोड़ रुपये वसूले गए. वहीं, सबसे अधिक मामले मुंबई मंडल में दर्ज किए गए, जहाँ 12.82 लाख यात्रियों से 55.12 करोड़ रुपये का जुर्माना लिया गया. अन्य मंडलों में पुणे (20.84 करोड़), नागपुर (20.75 करोड़) और सोलापुर (8.39 करोड़) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. मुख्यालय स्तर की टीमों ने 14.22 करोड़ रुपये की वसूली की. मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्री वेबसाइट से ही वैध टिकट लेकर यात्रा करें. फर्जी टिकट बनवाना या उस पर यात्रा करना भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत गंभीर अपराध है. इसमें भारी जुर्माने के साथ 7 वर्ष तक की कैद का भी प्रावधान है.  
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