ईरान में पिछले करीब दाे हफ्ताें से चल रहा विराेध प्रदर्शन अब देश के लिए सबसे बड़े संकट में बदलता नजर आ रहा है.प्रदर्शनकारियाें ने 26 बैंकाें काे लूट लिया और 25 मस्जिदाें काे फूंक डालाइस घटनाक्रम में अब तक 2000 लाेगाें की माैत हाे गई. अब खबर आ रही है कि अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी जुट गया है. तनाव चरम पर है.आंदाेलनकारियाें ने 10 सरकारी बिल्डिंगाें में ताेड़फाेड़ भी की. 48 फायबिग्रेड की गाड़ियाें काे फूंका गया. 42 बसाें पर पथराव कर तहस-नहस कर दिया. ईरान में अराजकता का माहाैल चरम पर पहुंच गया है.निर्वासित क्राउन प्रिंस ने आंदाेलनकारियाें काे सड़काें पर डटे रहने का आह्वान किया!इस पर खामेनेई ने कहा कि अगर ट्रंप ने हमला किया ताे अमेरिका व इजरायल काे सबक सिखाएंगे.
राजधानी तेहरान से लेकर 100 से ज्यादा शहराें तक हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. सरकार ने माना है कि प्रदर्शन लगातार जारी हैं, लेकिन इसके साथ ही सख्त कार्रवाई भी तेज कर दी गई है.इंटरनेट बंद है, संचार सेवाएं ठप हैं और ईरान लगभग पूरी तरह दुनिया से कटा हुआ है. देश के अस्पताल लाशाें से पटे हुए हैं. मस्जिदपर भी हमले हुए हैं. पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी लाेगाें से सड़काें पर उतरने और सत्ता काे उखाड़ फेंकने काे कह रहे हैं. वहीं ऐसी खबरें आ रही हैं कि अमेरिका की मिलिट्री हलचल बढ़ गई है.शनिवार काे ईरान के सुप्रीम लीडर अयाताेल्ला अली खामेनेई ने पहली बार खुलकर इन प्रदर्शनाें पर प्रतिक्रिया दी. उन्हाेंने आराेप लगाया कि कुछ उपद्रवी देश में इमारतें गिरा रहे हैं ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप काे खुश किया जा सके.
खामेनेई ने अमेरिका पर सीधा हमला करते हुए कहा कि अमेरिका पहले भी लैटिन अमेरिका वेनेजुएला काे घेर चुका है और वहां कार्रवाई की गई थी.उन्हाेंने कहा कि अमेरिका काे इस पर काेई शर्म नहीं है और उसने खुले ताैर पर कहा कि यह सब तेल के लिए किया गया. ईरान में जारी विराेध प्रदर्शनाें के बीच लंदन में एक हैरान करने वाली घटना दिखी, जहां स्पाइडरमैन की तरह एक व्यक्ति ईरान के दूतावास पर चढ़ गया. उसने दूतावास की बिल्डिंग पर लगे इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे काे उतार दिया और उसकी जगह शेर और सूरज वाला झंडा फहरा दिया. यह झंडा ईरान के पुराने राजशाही दाैर का प्रतीक माना जाता है.