पुणे, 12 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) वरिष्ठ साहित्यकार और महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति मंडल के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रतनलाल सोनग्रा का रविवार दोपहर वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया. वे 87 वर्ष के थे. पुणे के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उपचार के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे येरवडा स्थित विद्युत शवदाह गृह में किया जाएगा. सोमवार सुबह नौ बजे से साढ़े दस बजे तक उनका पार्थिव शरीर विमाननगर स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. प्रोफेसर डॉ. रतनलाल सोनग्रा महात्मा ज्योतिराव फुले, राजर्षि शाहू महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के समर्थक, प्रख्यात चिंतक, लेखक और शोधकर्ता थे. उन्होंने बौद्ध साहित्य तथा मानवतावादी समाज सुधारकों के कार्यों पर आधारित व्यापक साहित्य का सृजन किया. प्रोफेसर डॉ. रतनलाल सोनग्रा ने कुछ समय तक मुंबई के वडाला स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महाविद्यालय में प्राध्यापक के रूप में कार्य किया. उनके अनेक ग्रंथ प्रकाशित हुए हैं और उन्होंने समाचार पत्रों में ‘सोनग्राफी' नामक स्तंभ के माध्यम से लेखन भी किया.