एरंडवणे, 12 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) डॉ. पतंगराव कदम का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान अतुलनीय है. भारती विद्यापीठ के माध्यम से महाराष्ट्र की पीढ़ियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वार खुले. व्यक्तिगत जीवन में वे अत्यंत खुले विचारों वाले और दिलदार व्यक्ति थे. वरिष्ठ अभिनेता मोहन जोशी ने अपने संबोधन में डॉ. पतंगराव कदम की स्मृतियों को उजागर करते हुए उनके शैक्षणिक योगदान और उदार व्यक्तित्व का स्मरण किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अनेक लोगों के साथ स्नेहपूर्ण संबंध बनाए और उन्हें आगे बढ़ाया. उनके जीवन संघर्ष से नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. वे राष्ट्रीय स्तर की डॉ. पतंगराव कदम वक्तृत्व प्रतियोगिता 2026 के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे. भारती विद्यापीठ के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एंत्रप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (आईएमईडी) द्वारा इस प्रतियोगिता का आयोजन 9 जनवरी 2026 को किया गया. यह प्रतियोगिता की बारह वां वर्ष था. इस प्रतियोगिता में देशभर के 90 महाविद्यालयों से लगभग 250 प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनमें दो दृष्टिबाधित प्रतियोगी भी शामिल थे. उद्घाटन अवसर पर भारती विद्यापीठ हेल्थ साइंसेस की प्रबंध निदेशक डॉ. अस्मिता जगताप, कुलपति डॉ. विवेक सावजी, कुलसचिव जे. जयकुमार, आईएमईडी के संचालक डॉ. श्रवण कडवेकर तथा उप निदेशक डॉ. आर. वी. महाडिक उपस्थित थे.डॉ. अस्मिता जगताप ने कहा कि नई पीढ़ी की भाषा बदल रही है.