ब्लंकिट जैसी क्विक काॅमर्स कंपनियाें ने अब 10 मिनट में डिलीवरी का दावा हटा दिया है. यह बदलाव डिलीवरी बाॅयज की हड़ताल और सरकार के दखल के बाद आया है. सरकार के साथ हुई बैठक में ब्लिंकिट के अलावा स्विगी, जाेमैटाे और जेप्टाे ने भी भराेसा दिया है कि वे अब ग्राहकाें से समय सीमा का वादा करने वाले विज्ञापन नहीं करेंगे.केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल ही में इन कंपनियाें के टाॅप अधिकारियाें के साथ अहम बैठक की. इसमें तीन महत्वपूर्ण फैसले लिए गए- श्रम मंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि कंपनियाें का बिजनेस माॅडल वर्कर्स की जान जाेखिम में डालकर नहीं चलना चाहिए. 10 मिनट जैसी समय सीमा न केवल राइडर्स के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लाेगाें के लिए भी जाेखिम पैदा करती है. सरकार अब गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियाें पर एक व्यापक पाॅलिसी बनाने की तैयारी में है.