राजस्थान के उदयपुर में एक पिता ने अपनी जिंदा विवाहित बेटी काे सामाजिक रूप से मृत घाेषित कर दिया. यही नहीं, बाकायदा उसकी शाेक संदेश पत्रिका छपवाई गई, मृत्यु भाेज कराया गया और बेटी काे पैतृक संपत्ति से भी बेदखल कर दिया गया. यह सब इसलिए, क्याेंकि बेटी अपने पति, तीन मासूम बच्चाें और मायके से नाता ताेड़कर प्रेमी के साथ चली गई.जिले के चाैहानवास गांव निवासी रूप सिंह और उनकी पुत्री जमना कंवर से जुड़ा है. जमना कंवर का विवाह करीब दस वर्ष पहले खेड़ा गांव निवासी प्रभु सिंह के साथ हुआ था. विवाह के बाद दंपती के तीन बच्चे हुए. जानकारी के अनुसार जमना कंवर अपने पति और तीनाें छाेटे बच्चाें काे छाेड़कर खेड़ा गांव के ही हरि सिंह के साथ घर से चली गई.
बाद में दाेनाें ने आपस में विवाह कर लिया.पति, ससुराल पक्ष, मायका पक्ष और समाजजनाें ने मिलकर कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन जमना अपने फैसले पर अडिग रही. यहां तक कि उसने अपने बच्चाें काे पहचानने से भी इनकार कर दिया. इसके बाद पिता ने अपने समाज के लाेगाें से लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि जमना कंवर काे सामाजिक रूप से मृत घाेषित किया जाएगा. इसके तहत रीति-रिवाजाें का पालन करते हुए गाैरणी-धूप की गई और जिंदा बेटी का मृत्यु भाेज आयाेजित किया गया. बाकायदा शाेक संदेश पत्रिका छपवाकर रिश्तेदाराें और परिचिताें में वितरित की गई.