पुणे, 15 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) भारतीय वाणिज्यिक रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश के लिहाज से एक निर्णायक मोड़ सामने आया है. पुणे आधारित कोहिनूर ग्रुप और महालक्ष्मी ग्रुप की साझेदारी ने सिंगापुर की वैेिशक रियल एस्टेट कंपनी केपेल लैंड को 1.1 मिलियन वर्ग फुट का ग्रेड AAA आईटी टॉवर समय पर और पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुपुर्द कर दिया है. करीब 900 करोड़ मूल्य की यह डील न केवल महाराष्ट्र, बल्कि देश की पहली फॉरवर्ड-पर्चेज ऑफिस ट्रांजैक्शन मानी जा रही है, जिसमें किसी वैेिशक संस्थागत निवेशक को रेडी-टू-ऑक्युपाई एसेट सौंपा गया. फॉरवर्ड-पर्चेज मॉडल की असली परीक्षा इस सौदे में प्रोजेक्ट के निर्माण, लागत नियंत्रण और समयसीमा की पूरी जिम्मेदारी डेवलपर्स पर थी. रियल एस्टेट विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मॉडल भारतीय बाजार में अब तक सीमित रूप में ही अपनाया गया था, क्योंकि इसमें डिलीवरी में देरी या लागत बढ़ने का जोखिम सीधे डेवलपर की साख और बैलेंस शीट पर पड़ता है. कोहिनूर-महालक्ष्मी ग्रुप द्वारा 24 महीनों में रिकॉर्ड डिलीवरी ने यह साबित किया है कि भारतीय डेवलपर्स अब वैेिशक संस्थागत मानकों के अनुरूप निष्पादन करने में सक्षम हैं. इस सौदे को टेमासेक होल्डिंग्स का रणनीतिक समर्थन प्राप्त था, जिसकी केपेल लैंड में 21 प्रतिशत हिस्सेदारी है. विश्लेषकों के अनुसार, टेमासेक जैसे सॉवरिन फंड की भागीदारी इस प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय वेिशसनीयता प्रदान करती है. खराड़ी की रणनीतिक बढ़त इस डील ने खराड़ी को देश के प्रमुख ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के नक्शे पर और मजबूत किया है. रियल एस्टेट सलाहकारों का मानना है कि खराड़ी अब बेंगलुरु आउटर रिंग रोड और हैदराबाद फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट के समकक्ष आईटी, BFSI और इंजीनियरिंग सेवाओं में तेजी से उभर रहा है. महालक्ष्मी ग्रुप के प्रबंध निदेशक मनोज गुप्ता के अनुसार यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि भारतीय डेवलपर्स अब सिर्फ निर्माणकर्ता नहीं, बल्कि वैेिशक निवेशकों के लिए भरोसेमंद पार्टनर बन चुके हैं. कोहिनूर ग्रुप के संयुक्त प्रबंध निदेशक राजेश गोयल ने कहा कि यह 900 करोड़ की डील भारत में डेवलपर इंस्टीट्यूशन पार्टनरशिप का नया बेंचमार्क बनेगी. इस सफलता के बाद हम और अधिक फॉरवर्ड-फंडेड तथा संस्थागत-स्तरीय प्रोजेक्ट्स पर काम करने की स्थिति में हैं. कोहिनूर ग्रुप के चेयरमैन कृष्णकुमार गोयल ने इसे भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक निर्णायक क्षण बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, समयबद्ध डिलीवरी और पारदर्शिता अब हमारी पहचान बन चुकी है. हैंडओवर के अवसर पर केपेल समूह के वरिष्ठ अधिकारी लुई लिम, हो कियाम ख्योंग, वाँग लियांग किट, सुश्री ब्रिजेट ली, अभिजित कुकड़े साथ ही विनीत गोयल, राजेश गोयल, कृष्णकुमार गोयल और मनोज गुप्ता उपस्थित रहे.
डिजाइन, स्केल और सस्टेनेबिलिटी
खराड़ी आईटी कॉरिडोर में चार एकड़ भूमि पर विकसित इस टॉवर का डिजाइन डीपी आर्किटेक्ट्स (सिंगापुर) ने वीके:ए आर्किटेक्ट्स (पुणे) के सहयोग से तैयार किया है. प्रोजेक्ट में तीन बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, मेजानाइन, तीन पोडियम और 14 ऑफिस फ्लोर शामिल हैं. प्रत्येक मंजिल पर लगभग 80,000 वर्ग फुट का कॉलम-फ्री स्पेस उपलब्ध है, जिससे यह परिसर 11,000 से अधिक पेशेवरों के लिए उपयुक्त बनता है. परिसर को IGBC प्लेटिनम रेटिंग प्राप्त हुई है. इसमें 16 हाई-स्पीड शिंडलर लिफ्ट्स, N+1 रिडंडेंट पावर सिस्टम, बायोफिलिक डिजाइन, ग्रीन कैस्केडिंग बालकनियाँ और 50,000 वर्ग फुट का लैंडस्केप जोन शामिल है. कर्मचारियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए 500 सीटों वाला रूफटॉप कैफेटेरिया भी विकसित किया गया है.