आखिरकार राज्य में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे का जादू फिर से चल गया. लाड़ली बहनाें ने इन मनपा चुनावाें में महायुद्ध काे जिताने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई है. उन्हाेंने नगर परिषद चुनाव में बड़ी जीत दिलाने के बाद मनपा चुनाव में भी भाजपा-शिवसेना शिंदे काे अपना समर्थन दिया. अपने घाेषणा पत्र में विपक्ष ने बड़े- बड़े दावे किए थे लेकिन वह मतदाताओं काे लुभा पाने में नाकामयाब रहा. बीएमसी चुनाव में अब तक के रुझानाें में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, 3 दशक बाद ठाकरे बंधुओं का यहां से दबदबा खत्म हुआ. वहीं मुंबई में एनसीपी के नेता नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक काे हार का सामना करना पड़ा है ताे शिवसेना (शिंदे) सांसद की बेटी भी चुनाव हार गईं. मुंबई में पहली बार बीजेपी का मेयर हाेगा.
दूसरी ओर ठाकरे बंधुओं का किला ढह गया.प्रमुख वार्डाें के परिणाम वार्ड 1 (दहिसर) में शिंदे गुट की रेखा यादव ने इतिहास रचते हुए जीत दर्ज की.वह मुंबई की पहली उत्तर भारतीय महिला पार्षद बनीं. वार्ड 183 (धारावी)में कांग्रेस की आशा काले ने यहाँ जीत हासिल कर मुंबई में कांग्रेस का खाता खाेला. वार्ड 194 (दादर) में शिवसेना (यूबीटी) के निशिकांत शिंदे ने दिग्गज नेता सदा सरवंकर के बेटे समाधान सरवंकर काे हराकर बड़ा उलटफेर किया. वार्ड 182 (माहिम) में उद्धव गुट के मिलिंद वैद्य ने भाजपा के राजन पारकर काे हराकर अपनी सीट बरकरार रखी. वार्ड 107 (मुलुंड) में किरीट साेमैया के बेटे नील साेमैया ने भारी अंतर से जीत दर्ज कर भाजपा का दबदबा कायम रखा.