भले ही एनसीपी प्रमुख ने राजनीति में एक अलग रास्ता चुना, लेकिन उन्हाेंने उनके संबंधाें काे खराब नहीं हाेने दिया. पवार के निधन से उन्हाेंने एक दृढ़ नेता और एक उत्कृष्ट पूर्व कैबिनेट सहयाेगी काे खाे दिया है. उन्हाेंने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में पवार एक अत्यंत अनुशासित नेता थे, जिनकी अपने विभाग पर मजबूत पकड़ थी. अजीत पवार ने 2019 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था. उद्धव ठाकरे ने कहा, सहयाेगी हाेने के नाते हमारे बीच एक विशेष रिश्ता बन गया था. अजीत पवार खुले दिल के थे. वे बेबाक राय रखते थे. वे लंबे समय तक किसी से बैर नहीं रखते थे. भले ही उन्हाेंने राजनीति में अलग राह चुनी, लेकिन उन्हाेंने हमारे रिश्ते काे टूटने नहीं दिया. वे एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते थे जाे अपने पार्टी कार्यकर्ताओं काे महत्व देते थे, और वे वास्तव में एक दादा थे. मेरे पास शब्द नहीं हैं.