जैन समाज के सामाजिक कार्यों के सामने नतमस्तक

30 Jan 2026 15:13:16
bfBf

 बिबवेवाड़ी, 29 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

 भारत की प्रगति में जैन समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. जैन समाज हर सामाजिक कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाता है, मैं उनके सेवा कार्यों के सामने नतमस्तक हूं. आपके सेवा कार्यों की किरणें हमारे जीवन क ो भी प्रकाशित करें, यही इस कार्यक्रम में आने के लिए मेरी प्रेरणा थी, ऐसे शब्दों में राज्यसभा सांसद प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. वे शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था ‌‘जय आनंद ग्रुप' (पुणे) द्वारा दिए जाने वाले ‌‘समाजभूषण पुरस्कार 2025' और ‌‘जय आनंद मानव सेवा पुरस्कार' वितरण समारोह में बोल रही थीं. गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार (26 जनवरी) को यह कार्यक्रम संपन्न हुआ. बिबवेवाड़ी स्थित अण्णा भाऊ साठे सभागार में आयोजित इस समारोह में पुरस्कार विजेताओं का उत्साहवर्धन करने के लिए समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित थे. इस वर्ष का ‌‘समाजभूषण पुरस्कार 2025' आर. के. लुंकड़ हाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और जैन कॉन्फ्रेंस की ‌‘जीवन प्रकाश योजना' के अध्यक्ष रमणलाल कपूरचंद लुंकड़ को प्रदान किया गया. वहीं, ‌‘जय आनंद मानव सेवा पुरस्कार' से श्री गुरु गौतममुनि मेडिकल एंड चैरिटेबल सेंटर के संस्थापक अध्यक्ष सतीश बंसीलाल बनवट को  सम्मानित किया गया. समारोह में मंच पर राज्यसभा सांसद प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी, कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक उल्हास पवार, मुख्य अतिथि स्वानंद सोशल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष संजीव शाह, जय आनंद ग्रुप के अध्यक्ष नितिन ओस्तवाल उपस्थित थे. जय आनंद ग्रुप के अध्यक्ष नितिन ओस्तवाल ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी और संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न सेवा कार्यों का परिचय दिया. सचिव आनंद कोठारी, गणेश कटारिया, अनिल लुंकड़, दिलीप धोका, अशोक लोढ़ा और राजेंद्र सुराणा सहित अन्य पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अतिथियों का स्वागत किया. पुरस्कार प्राप्ति पर आभार व्यक्त करते हुए रमणलाल लुंकड़ की ओर से आकाश रवींद्र लुंकड़ और हर्षल कोठारी ने अपने विचार साझा किए. समारोह में नवनिर्वाचित नगरसेवक बालासाहेब ओसवाल, मनीषा चोरबेले, सपना छाजेड़, विशाल धनवड़े और गौरव घुले के साथ-साथ विजयकांत कोठारी और पोपटलाल ओस्तवाल का भी सत्कार किया गया. कार्यक्रम का संचालन मिष्टी कुचेरिया ने किया और आभार प्रदर्शन सुधीर मुथा ने किया.
 
केवल बोलने के बजाय प्रत्यक्ष कार्य करके दिखाते हैं
प्रो. डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कहा, राजनीति से परे रहकर समाज के लिए कार्य करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है.
जैन समाज की यह विशेषता है कि अपनी नींव मजबूत होने के बाद, वे केवल अपने परिवार के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए अपना योगदान देते हैं.
यह उनकी बहुत बड़ी सीख है. वे केवल बोलने के बजाय प्रत्यक्ष कार्य करके दिखाते हैं.
  मानवता का झरना सूखना नहीं चाहिए
पुरस्कार विजेता सतीश बनवट ने कहा, मैंने अपने कार्य की शुरुआत ‌‘जीवदया' के सिद्धांत के साथ की थी. मेरा यह आग्रह रहता है कि प्रत्येक संस्था को अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए. मानवता का झरना कभी सूखना नहीं चाहिए, बल्कि वह एक बड़ी नदी का रूप ले.
Powered By Sangraha 9.0