पुणे, 7 जनवरी (आ.प्र.) पहली बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 में पांच महाद्वीपों के 35 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली 29 टीमें हिस्सा लेंगी. 19 से 23 जनवरी के बीच आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में दुनिया के 171 एलीट साइकिल चालक भाग लेंगे. पहली बार आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में 171 खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ एक नया वैेिशक रिकॉर्ड दर्ज किया गया है. पुणे के जिलाधिकारी और प्रतियोगिता के प्रभारी अधिकारी जीतेंद्र डूडी ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी. इस रेस में फ्रांस, ग्रेट ब्रिटेन, बेल्जियम, जर्मनी, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, चीन और थाईलैंड जैसे प्रमुख साइकिलिंग देशों की टीमें भाग लेंगी. एशिया से 78, यूरोप से 69, ओशिनिया से 12, जबकि अमेरिका और अफ्रीका महाद्वीप से छह-छह खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में शामिल होंगे. ओडिशा में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप से चयनित छह भारतीय साइकिल चालकों की टीम भी इस प्रतियोगिता का हिस्सा होगी. सामान्य रूप से यूसीआई 2.2 श्रेणी की प्रतियोगिताओं में अधिकतम 125 साइकिल चालक भाग लेते हैं, लेकिन पुणे में आयोजित इस प्रतियोगिता में 171 साइकिल चालक भाग ले रहे हैं. यह प्रतियोगिता पुणे और पिंपरीचिंचव ड मनपाओं के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से भी होकर गुजरेगी. आमतौर पर यह मार्ग ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों से होकर जाएगा. प्रतियोगिता के लिए लगभग 450 किलोमीटर के उच्च गुणवत्ता वाले मार्ग तैयार किए गए हैं. चूंकि यह प्रतियोगिता हर वर्ष आयोजित की जाएगी, इसलिए इन सड़कों का रखरखाव भी बेहतर स्तर पर किया जाएगा. मार्ग का विस्तार होने के साथ हर वर्ष नए रास्ते इसमें जोड़े जाएंगे. प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे प्रतियोगिता का उद्घाटन 17 जनवरी को किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उपस्थित रहेंगे. उद्घाटन और समापन समारोह के अन्य प्रमुख अतिथियों के नाम बाद में घोषित किए जाएंगे. दूरदर्शन के माध्यम से यह प्रतियोगिता वेिशभर में प्रसारित की जाएगी, इसी को ध्यान में रखते हुए समय सारिणी तय की गई है, ऐसा भी डूडी ने बताया.उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के लिए 35 करोड़ रुपये प्रायोजकों से जुटाए गए हैं, जबकि राज्य सरकार और महानगरपालिकाओं द्वारा सड़क निर्माण कार्य किए गए हैं. चार चरण, बड़ी चुनौती प्रोलॉग चरण- गुडलक चौक से डेक्कन बस स्टॉप तक, आठ किलोमीटर. पहला चरण-मुलशी मावल माइल्स, 91.8 किलोमीटर, हिंजवड़ी आईटी हब से होकर गुजरने वाला मार्ग, जो शहर के घुमावदार रास्तों से होकर जाएगा. दूसरा चरण- मराठा हेरिटेज सर्किट, 109.15 किलोमीटर, पुरंदर किला, सिंहगढ़ और खडकवासला क्षेीत्र के घाटों से होकर. तीसरा चरण-पश्चिम घाट गेटवे, 137.07 किलोमीटर, सासवड से बारामती के बीच समतल भूभाग, तेज रफ्तार साइकिलिंग के लिए अनुकूल. चौथा चरण- पुणे प्राइड लूप, 91.15 किलोमीटर, पुणे शहर के मध्य भाग से शनिवारवाड़ा होकर गुजरने वाला मार्ग.
पांच चरणों में 437 किलोमीटर की प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता पांच दिनों की होगी और कुल दूरी 437 किलोमीटर रहेगी. शुरुआत में पुणे शहर में आठ किलोमीटर का प्रोलॉग चरण आयोजित किया जाएगा. इसके बाद चार चरणों में मुख्य प्रतियोगिता होगी. प्रत्येक दिन की रेस के बाद पुरस्कार दिए जाएंगे, वहीं प्रतियोगिता समाप्त होने पर पांच दिनों के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर समग्र पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे. जीतेंद्र डूडी ने कहा कि पुणे को एक समय साइकिलों का शहर कहा जाता था और अब पुणे वैेिशक स्तर की साइकिल रेस की मेजबानी के लिए तैयार है. हर वर्ष प्रतियोगिता की दूरी बढ़ाकर इसे भविष्य में 1500 किलोमीटर तक ले जाने की योजना है. उन्होंने बताया कि 120 वर्षों की विरासत वाली टूर डी फ्रांस प्रतियोगिता से प्रेरणा ली गई है.