इंदाैर के भागीरथपुरा में जहरीला पानी से माैताें की संख्या 19 से बढ़कर 20 हाे गई है. सरकार ने हाईकाेर्ट में पेश रिपाेर्ट में सिर्फ 6 माैतें भर हाेना माना है, जबकि 18 मृतकाें के परिवाराें काे 2-2 लाख रुपए की सहायता दी जा चुकी है. प्रशासन ने परिजन काे मुआवजा देने के लिए बनाई गई सूची में बुधवार काे दाे नए नाम जाेड़े हैं. इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु खुपराव शामिल हैं.अधिकारियाें का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लाेगाें की माैत हुई है, लेकिन जहां भी माैत की सूचना मिल रही है, वहां क्राॅस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है. इधर, जिस जगह ड्रेनेज लाइन का काम हुआ था, वहां बुधवार काे नर्मदा लाइन चालू हाेते ही पानी लीक हाेकर काॅलाेनी में भरने लगा.दुकानाें में पानी घुस गया. पानी लीक हाेने के चलते नर्मदा लाइन काे दाेबारा बंद कर दिया गया है. इंदाैर में माैत के आंकड़ाें और जिन्हें मुआवजे दिया गया है, उनकी संख्या में अंतर काे लेकर मुख्यमंत्री डाॅ.माेहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए एक भी व्यक्ति की जान जाना कष्टदायक है.
हम इसके आंकड़े में नहीं पड़ रहे हैं. ये अलग बात है कि प्रशासन की नजर में उनका अपना तरीका हाेता है. प्रशासन ने पाेस्टमाॅर्टम रिपाेर्ट के आधार पर मृतकाें की संख्या तय की है लेकिन यह फाइनल नहीं है. सीएम यादव ने बुधवार काे बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कहा- नगर निगम के माध्यम से भी मृत्यु-पंजीयन हाेता है. जाे भी संख्या सामने आएगी, राज्य सरकार संबंधिताें के परिजन काे राहत राशि देने का काम करेगी.सरकार हर पल प्रभाविताें के साथ है.बुधवार सुबह से दाेपहर 2 बजे तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 18 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे थे. इनमें से 6 काे अस्पताल रेफर किया गया है. इससे पहले आईसीयू में 16 मरीजाें के भर्ती हाेने की जानकारी सामने आई थी. इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं. भागीरथपुरा में इतनी माैताें के बाद लाेग डरे-सहमे हैं. बड़ी संख्या में लाेगाें ने बाेरिंग का यूज बंद कर दिया है.स्थानीय रहवासी टैंकराें और आरओ के पानी पर निर्भर हैं. अब तक 429 लाेग अस्पतालाें में भर्ती हुए थे.जिनमें से मंगलवार शाम तक 330 डिस्चार्ज हाे चुके हैं. बुधवार काे 6 मरीज और भर्ती हुए हैं.