बावधन, 8 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
सूर्यदत्त नेशनल स्कूल में विज्ञान, गणित, ए.आई.,रोबोटिक्स और सामाजिक विज्ञान पर आधारित स्पेक्ट्रम-2025 का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक किया गया. एुश्रेीिळपस ींहश र्र्ऋीीीींश: डलळशपलश, ढशलहपेश्रेसू रपव डेलळशूीं थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स और प्रयोग उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित करनेवाले रहे. अभिभावक, स्थानीय नागरिक और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता की प्रशंसा की. इस प्रदर्शनी का उद्घाटन ऊठऊज के वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिक डॉ.पी.के.अदक ने किया. उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार में अवसरों के बारे में मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जैसे भारत की प्रमुख तकनीकी परियोजनाओं ने देश का नाम रोशन किया है, वैसे ही सूर्यदत्त के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत तकनीकी और नवोन्मेषी प्रोजेक्ट भविष्य में विज्ञान और तकनीक क्षेत्र में सफलता की मजबूत नींव साबित हो सकते हैं. विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रोबोट्स, ए.आई.- आधारित मॉडल और ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. साथ ही पर्यावरण, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन की समस्याओं पर समाधान खोजने वाले रोबोटिक मॉडल्स ने उपस्थित लोगों को मुग्ध कर दिया. गणित के साथ भौतिकी, रसायनशास्त्र और जीवविज्ञान जैसे विषयों पर किए गए प्रयोगों ने उपस्थित लोगों का ध्यान खींचा. इस प्रदर्शनी से विद्यार्थियों की नवोन्मेषी सोच का दर्शन हुआ. सूर्यदत्त नेशनल स्कूल की सहायक उपाध्यक्ष स्नेहल नवलखा ने कहा, ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की शोधदृष्टि और रचनात्मकता और विकसित होती है. प्राचार्या डॉ. अनुपमा नेवरकर ने कहा, विद्यार्थियों की मेहनत और कल्पकता से उन्हें विज्ञान-प्रौद्योगिकी के आधुनिक क्षेत्रों का अनुभव प्राप्त हुआ. ऐसे प्रदर्शन भविष्य के शोधकर्ता, अभियंता और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने में मदद करते हैं.
भविष्य के वैज्ञानिक भारत की नींव सूर्यदत्त ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट्स के संस्थापक और अध्यक्ष प्रो.डॉ.संजय बी. चोरडिया ने कहा कि जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मेहनत के बल पर विद्यार्थी असंभव प्रतीत होने वाली ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं. स्पेक्ट्रम 2025 में विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार, तकनीकी कौशल और शोधशीलता भविष्य के वैज्ञानिक भारत की नींव हैं.