मोशी, 8 जनवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
सिविल इंजीनियर बनने के बाद हम अक्सर नौकरी और व्यवसाय की दौड़ में लग जाते हैं और ज्ञानार्जन करना बंद कर देते हैं. निर्माण क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसमें नवीनता की कमी महसूस होती है. इसलिए, सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को करियर के साथ-साथ अनुसंधान और नवाचार पर जोर देना चाहिए. निर्माण क्षेत्र को नए आयाम देने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहना चाहिए, ऐसे विचार क्रेडाई नेशनल के उपाध्यक्ष इंजीनियर रणजीत नाइकनवरे ने व्यक्त किए. वे ‘कन्स्ट्रो-2026' के चार दिवसीय 20वें अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे. पुणे कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग रिसर्च फाउंडेशन, पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा द्वारा संयुक्त रूप से इस प्रदर्शनी का आयोजन मोशी स्थित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र में 11 जनवरी तक किया गया है. इस अवसर पर नई दिल्ली के काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर के अध्यक्ष आर्किटेक्ट अभय पुरोहित, प्रदर्शनी के चेयरमैन इंजीनियर जयदीप राजे, PCERF के अध्यक्ष इंजीनियर नरेंद्र कोठारी, सचिव आर्किटेक्ट शिरीष केंभावी, जयंत इनामदार आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान ‘कन्स्ट्रो-2026' के सोवेनियर और डायरी का विमोचन किया गया. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मार्गदर्शन दिया. आर्किटेक्ट अभय पुरोहित ने कहा कि यद्यपि निर्माण और स्थापत्य क्षेत्र देश के आर्थिक विकास की रीढ़ हैं, लेकिन इस क्षेत्र में स्थिरता, आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक नैतिकता के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल डिजाइन टूल्स और उन्नत निर्माण सामग्री का उपयोग करके परियोजनाओं की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए. प्रास्ताविक भाषण में जयदीप राजे ने बताया कि इस प्रदर्शनी में मशीनरी, निर्माण सामग्री, आधुनिक पद्धतियां, उन्नत तकनीक और छात्रों के शोध को एक ही छत के नीचे देखने का अवसर मिलता है. इन चार दिनों में हजारों नागरिक, छात्र और निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ इस प्रदर्शनी का अवलोकन करते हैं. इंजीनियर मनोज देशमुख ने कार्यक्रम का संचालन किया. इंजीनियर नरेंद्र कोठारी ने स्वागत भाषण दिया. आर्किटेक्ट शिरीष केम्भवी ने आभार व्यक्त किया.
आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता को प्राथमिकता देंः गड़करी नितिन गड़करी ने कहा कि देश के बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए निर्माण क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण सामग्री और नवीन उपायों को अपनाना अनिवार्य है. सड़क, पुल, स्मार्ट शहर और लॉजिस्टिक्स देश की प्रगति का आधार हैं. लागत कम करके टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण पर ध्यान देना चाहिए. नए साहित्यों के उपयोग, कचरे से ईंधन और हरित ऊर्जा जैसे उपायों को बढ़ावा दें. उद्योग और इंजीनियरों को अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करना चाहिए.