चंडीगढ़, 26 अ्नटूबर (वि.प्र.)
पिछले हफ्ते अवैध ड्रग्स बेचने के आराेप में एक दवा की दुकान के मालिक के साथ माैखिक बहस के दाैरान मानसा के कार्यकर्ता परविंदर सिंह झाेटा की हत्या, पंजाब में भगवंत मान की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनाैती के रूप में उभर रही है, जबकि राज्य चुनाव में केवल पांच महीने शेष हैं.
पीड़ित परिवार द्वारा अपनी मांगाें के पूरा हाेने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार करने, विपक्षी दलाें द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग करने और राज्यव्यापी बंद के पहले से ही आयाेजित हाेने के बाद, आंदाेलन अब सत्ताधारी दल के विधायकाें के दरवाजे तक पहुंचने के लिए तैयार है.
मानसा में हुए विराेध प्रदर्शन के दाैरान गठित न्याय समिति ने घाेषणा की है कि 19 अक्टूबर काे पंजाब भर में आम आदमी पार्टी के विधायकाें के घराें के बाहर प्रदर्शन आयाेजित किए जाएंगे. पिछले कुछ महीनाें में अपराध या नशीली दवाओं से संबंधित घटनाओं के अलावा, एक अन्य कार्यकर्ता की आत्महत्या और एक प्रदर्शनकारी पर कथित यातना के कारण पहले से ही सवाल उठ रहे हैं.
विपक्ष ने दबाव बढ़ा दिया भाजपा और शिराेमणि अकाली दल (एसएडी) ने राज्य सरकार पर हमले शुरू कर दिए हैं. भाजपा ने हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूराे (सीबीआई) जांच की मांग की है, और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सवाल उठाया है कि अगर राज्य सरकार नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालाें की सुरक्षा करने में विफल रहती है ताे वे कैसे सुरक्षित रह सकते हैं.