गलत जानकारी देने पर FIR दजर् की जाएगी

पत्रकार संघ में आयोजित कार्यक्रम में पासपोर्ट अधिकारी डॉ. विनोद गायकवाड़ ने कहा

    11-Feb-2026
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पुणे, 10 फरवरी (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)
भारतीय नागरिकता के उद्देश्य से पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, इसलिए पासपोर्ट जारी करते समय पूरी तरह से वैध दस्तावेजों की जांच की जाती है. इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति पासपोर्ट के लिए अवैध दस्तावेज प्रस्तुत करता है और पुलिस सत्यापन में कागजात गलत पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध अब एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया गया है. यह जानकारी पुणे क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के पासपोर्ट अधिकारी डॉ. विनोद गायकवाड़ ने दी. पुणे श्रमिक पत्रकार संघ द्वारा मंगलवार 10 फरवरी को नवी पेठ स्थित पत्रकार भवन में सुबह 11:30 बजे संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर डॉ. विनोद गायकवाड़ ने पासपोर्ट से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. डिप्टी पासपोर्ट अधिकारी श्रृति पांडे भी उपस्थित थीं. पुणे श्रमिक पत्रकार संघ के अध्यक्ष ब्रिजमोहन पाटिल और महासचिव मंगेश फल्ले भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. डॉ. विनोद गायकवाड ने कहा कि पासपोर्ट एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है. पासपोर्ट सत्यापन की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, जबकि पासपोर्ट वितरण की जिम्मेदारी डाक विभाग की है. नागरिकों से अपील है कि वे पासपोर्ट के लिए केवल अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी एजेंट के पास न जाएं. उन्होंने बताया कि पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों में कुछ लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहे हैं, जो जांच में सामने आया है. यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी. पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और संबंधित व्यक्ति से अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने यह भी बताया कि ई-पासपोर्ट का वितरण मई 2025 से शुरू हो गया है. जिन नागरिकों के पास पुराने पासपोर्ट हैं, वे अभी भी वैध हैं, इसलिए उन्हें तत्काल ई-पासपोर्ट में परिवर्तित कराने की आवश्यकता नहीं है. वर्ष 2035 तक देशभर में ई-पासपोर्ट लागू किए जाएंगे. इस दौरान पुणे क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 14 लाख से अधिक पासपोर्ट वितरित किए गए हैं. प्रतिवर्ष लगभग साढ़े चार लाख से साढ़े सात लाख तक पासपोर्ट वितरित किए जाते हैं.  
 
पासपोर्ट सत्यापन की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की

पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन किए जाने के बाद ही कुख्यात निलेश घायवल को पासपोर्ट वितरित किया गया था. पासपोर्ट सत्यापन की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होती है. पुलिस द्वारा उचित और सटीक सत्यापन किया जाना आवश्यक है, क्योंकि पासपोर्ट कार्यालय किसी भी व्यक्ति को पुलिस सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही पासपोर्ट जारी करता है. यह जानकारी पुणे विभाग के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी डॉ. विनोद गायकवाड़ ने दी.