प्रधानमंत्री माेदी ने शनिवार काे असम के डिब्रूगढ़ जिले के माेरन में 3,030 कराेड़ रुपये की लागत से नेशनल हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा ईएलएफ आधुनिक पुल का उद्घाटन किया.इस माैके पर पीएम माेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा-आज की कांग्रेस हर उस विचार, हर उस आतंकी काे कंधे पर बिठाती है, जाे देश का बुरा साेचता है. जाे लाेग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं. जाे लाेग, नाॅर्थईस्ट काे भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं. वाे कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं.पीएम माेदी ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लाेगाें काे कांग्रेस से सावधान करें. पीएम माेदी ने कहा कि 10 साल सत्ता से बाहर रहने की वजह से कांग्रेस और ज्यादा जहरीली हाे गई है.इससे पहले पीएम माेदी ने असम के डिब्रूगढ़ से अपने दाैरे की शुरुआत की.
उनके वायुसेना के विमान ने हाईवे पर लैंडिंग की.पूर्वाेत्तर भारत में यह पहली ऐसी पुल बनी जहां आपातकालीन लैंडिंग की सुविधा है.प्रधानमंत्री माेदी वायुसेना के विमान से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जाे आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरा, जहां असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद साेनाेवाल ने पीएम माेदी का मंच पर स्वागत किया.पीएम माेदी ने कहा- छह लेन वाला यह पुल ट्रैफिक दबाव कम करेगा और क्षेत्रीय विकास काे नई गति देगा. यहां से चाइना बाॅर्डर मात्र 300 किमी. पर है. माेरन हाईवे पर पीएम की माैजूदगी में राफेल, सुखाेई समेत 16 लड़ाकू विमानाें ने एयर शाे भकिया गया. इससे पहले पीएम माेदी पहले चाबुआ एयरफील्ड पहुंचे. इसके बाद वे वायुसेना के सी-130 एयरक्राफ्ट से डिब्रूगढ़ पहुंचे. पीएम माेदी का प्लेन शनिवार सुबह करीब 10 बजे माेरन बाइपास पर बनी ईएलएफ पर उतरा. यह एयरस्ट्रिप सैन्य रणनीति के लिए अहम है.
इस दाैरान विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेक ऑफ करके दिखाया.डेमाे 30 मिनट तक चला. पीएम माेदी का यह पिछले तीन महीने में तीसरा असम दाैरा है. असम में इसी साल विधानसभा चुनाव है. राज्य में 2016 से लगातार दाे बार एनडीए की सरकार बनी है. इससे पहले 2001-2016 तक कांग्रेस की सरकार थी. माेरन एयरस्ट्रिप एनएच-127 के 4.4 किलाेमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है. यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी है, जाे सेना और सिविल विमानाें दाेनाें के लिए इस्तेमाल की जा सकती है.ईएलएफ का मतलब है कि युद्ध जैसे हालात में हवाई जहाजाें काे हाईवे पर ही उतारा जाए और यहीं से उड़ान भरने की व्यवस्था हाे. राेजमर्रा के ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरताें के लिए. डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के काॅन्सेप्ट पर तैयार ईएलएफ 40 टन तक के फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट वाले ट्रांसपाेर्ट एयरक्राफ्ट काे हैंडल करने में सक्षम है.