भारतीय पासपाेर्ट मजबूत, वैश्विक रैंकिंग में पांच पायदान का सुधार

    15-Feb-2026
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भारतीय पासपाेर्ट की रैंकिंग में सुधार हुआ है. लेटेस्ट हेनले पासपाेर्ट इंडेक्स (फरवरी 2026) के अनुसार, अब भारत का पासपाेर्ट दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपाेर्ट्स की सूची में 75वें स्थान पर पहुंच गया है. साल की शुरुआत में यह 80वें स्थान पर था, यानी हाल ही में इसमें 5 स्थानाें का सुधार हुआ है. इससे पहले 2025 में यह 85वें स्थान पर था, जिससे कुल मिलाकर 10 स्थानाें की छलांग लगी है. हेनले पासपाेर्ट इंडेक्स दुनिया भर के लगभग 200 देशाें के पासपाेर्ट काे रैंक करता है.यह रैंकिंग इस बात पर आधारित हाेती है कि उस देश के पासपाेर्ट धारक कितने देशाें में बिना वीजा के या वीजा ऑन अराइवल के साथ जा सकते हैं. भारतीय पासपाेर्ट धारकाें काे अब 56 देशाें में वीजा-फ्री या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलती है. यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपाेर्ट एसाेसिएशन के ट्रैवल आंकड़ाें के आधार पर तैयार की जाती है.
 
इस इंडेक्स में पाकिस्तानी पासपाेर्ट 97वें नंबर है. उसकी पाेजिशन फिलिस्तीन(91), नार्थ काेरिया (94) और साेमालिया (96) से भी नीचे हैं. नई रैंकिंग में सुधार का मतलब है कि भारतीय नागरिकाें के लिए विदेश यात्रा पहले से आसान हुई है. छुट्टियाें, काराेबार और सांस्कृतिक यात्राओं के लिए अब ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी. एशिया, कैरेबियन, अफ्रीका और ओशिनिया के कई देश भारतीयाें काे आसान वीजा सुविधा दे रहे हैं.भारत की रैंकिंग पिछले दस साल में लगातार ऊपर-नीचे हाेती रही है. 2026 की रैंकिंग में सिंगापुर पहले स्थान पर है. सिंगापुर के पासपाेर्ट से 192 देशाें में वीजा-फ्री यात्रा की जा सकती है. दूसरे स्थान पर जापान और साउथ काेरिया हैं, जिनके नागरिक 187 देशाें में बिना वीजा जा सकते हैं.