पिछले कई महीनाें से चिखली के साेनावणे बस्ती इलाके में हर गुरुवार काे मेन राेड पर अवैध रूप से बाज़ार लगता है. बिना किसी सरकारी इजाज़त के शहर के दूसरे हिस्साें से दुकानदार यहां आकर कपड़े, सब्जियां, किराने का सामान और खाने-पीने की चीजें बेचने की दुकानें लगाते हैं. ज़रूरी चीज़ाें के लिए मज़दूर वर्ग के लाेगाें की भारी भीड़ हाेती है.गुरुवार काे कई इंडस्ट्रियल कार्यालयाें में छुट्टी हाेने की वजह से शाम काे मेन राेड के दाेनाें तरफ अवैध दुकानें लगती हैं. इस वजह से सड़क पर लाेगाें की भीड़ लग जाती है. गाड़ियाें का आना-जाना रुक जाता है और भयंकर ट्रैफिक जाम लग जाता है. इस अफरा-तफरी में माेबाइल चाेरी, छाेटी-माेटी बहस, ध्नका-मु्नकी और हादसे हाेते रहते हैं. इंडस्ट्रियल क्षेत्र हाेने की वजह से इस राेड पर भारी गाड़ियाें का आना-जाना लगा रहता है. दुकानदार, ग्राहक और भारी गाड़ियां एक साथ भीड़ में खड़ी रहती हैं, इसलिए बड़े हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है. लाेगाें काे डर है कि अगर प्रशासन ने काेई ठाेस कार्रवाई नहीं की ताे इससे बड़ा हादसा हाे सकता है.
स्थानीय लाेगाें ने गंभीर आराेप लगाए हैं कि मनपा का अतिक्रमण विभाग इन बिना इजाज़त वाले बाज़ाराें काे नज़रअंदाज़ कर रहा है. ऐसे बाज़ाराें से चाेरी, गुंडागर्दी, झगड़े और आपराधिक प्रवृत्ति काे बढ़ावा मिल रहा है व लाेगाें की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. लाेगाें ने प्रशासन से मांग है कि वह तुरंत सख्त कार्रवाई करे और ऐसे गैरकानूनी बाज़ाराें पर राेक लगाए.गंदगी की वजह से स्वास्थ्य काे लेकर द्निकतेें सड़क पर दुकानें लगने की वजह से पैदल चलने वालाें काे चलना मुश्किल हाे रहा है और हादसाें का खतरा बढ़ गया है. कचरा, खाने के बचे हुए हिस्से और गंदगी की वजह से स्वास्थ्य काे लेकर द्निकतें हाे रही हैं. आपातकालीन सेवा की गाड़ियां (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड) यहां से नहीं गुजर पा रही हैं. स्थानीय दुकानदाराें काे आर्थिक नुकसान हाे रहा है और इलाके में अनुशासन व सुरक्षा की समस्या है. इलाके के लाेगाें की मांग है कि मनपा प्रशासन सड़काें पर बाजार लगाने वालाें के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करे.