ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एमआईएमआई) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वंदे मातरम गाना और इसकाे सम्मान देना देश से वफादारी का टेस्ट ना माना जाए. उन्हाेंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारत काे एक धार्मिक देश बनाना चाहते हैं.एक साक्षात्कार में ओवैसी ने कहा कि संविधान हम लाेग से शुरू हाेता है, भारत माता की जय जैसे नाराें से नहीं. उन्हाेंने कहा कि आर्टिकल 25 धर्म की आजादी के बुनियादी अधिकार की गारंटी देता है. दरअसल, केंद्र सरकार ने 12 फरवरी काे एक आदेश जारी कर राष्ट्रगीत वंदे मातरम काे राष्ट्रगान जन गण मन की तरह ही सम्मान देना अनिवार्य कर दिया है.
आदेश के मुताबिक राष्ट्रगीत के सभी6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है. अब तक मूल गीत के पहले दाे अंतरे ही गाए जाते थे. वीर सावरकर काे भारत रत्न देने की मांग की आलाेचना करते हुए कहा कि जस्टिस कपूर कमीशन ने सावरकर काे महात्मा गांधी की हत्या का साजिशकर्ता बताया था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ पर कयामत शब्द का इस्तेमाल करने के लिए कटाक्ष किया. ओवैसी ने कहा- कम से कम उन्हें एक उर्दू शब्द ताे बाेलना चाहिए था, कयामत के लिए हिंदी शब्द क्या हाेगा. उनसे पूछाे.लाेकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नाे-काॅन्फिडेंस माेशन और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ माेशन में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया. उन्हाेंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की बाताें का भी जवाब दिया.