दुनिया की सबसे बड़ी एआई समिट का दिल्ली में साेमवार काे शुभारंभ हुआ.प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने साेमवार काे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपाे का उद्घाटन किया.इस एआई के महाकुंभ में विश्व के जाने- माने उद्याेगपतियाें का जमावड़ा लगा. वर्ल्ड की टाॅप 300 से ज्यादा कंपनियां इसमें शिरकत करके एडवांस टे्ननाेलाॅजी की ताकत दिखाएंगीं. करीब 500 से अधिक एआई एप्स अपने इनाेवेशन का प्रदर्शन करेंगे. समिट समराेह 20 फरवरी तक भारत मंडपम में चलेगा. इस माैके पर दिग्गज उद्याेगपति बिल गेट्स, सुंदर पिचायी, सैमऑल्टमैन, मुकेश अंबानी, एन. चंद्रशेखरन, नंदन नीलेकणि, सुनील मित्तल सहित कई अन्य भी शामिल हुए. इस समिट में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्याेग से लेकर कृषि पर विशेष फाेकस रहेगा.
इस माैके पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत एआई का ‘महाकुंभ’ आयाेजित कर रहा है, यहां पांचदिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के नेता, स्टार्टअप, नवाेन्मेषक और शाेधकर्ता एकत्र हुए हैं. केंद्रीय इलेक्ट्राॅनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई के दुरुपयाेग, गलत सूचना और डीपफेक के खतरे पर चिंता जताई है. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्हाेंने कहा कि सरकार मीडिया में एआई के गलत इस्तेमाल काे राेकने के लिए कानूनी सुरक्षा ढांचा तैयार कर रही है. उन्हाेंने बताया कि डीपफेक और भ्रामक कंटेंट से निपटने के लिए भारत 30 से अधिक देशाें के मंत्रियाें के साथ तकनीकी और कानूनी समाधान पर बातचीत कर रहा है.
सरकार एआई से बने कंटेंट पर वाॅटरमार्क और लेबल अनिवार्य करने के लिए सख्त नियम लाने की दिशा में काम कर रही है. एआई समिट के माैके पर सीआईआई द्वारा आयाेजित एआई आधारित स्टार्टअप कार्यक्रम की डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने सराहना की. उन्हाेंने कहा कि इस मंच पर देश के शीर्ष एआई स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं, जाे नवाचार की मजबूत तस्वीर दिखाता है. उनके अनुसार, एआई अब देश के लिए जरूरत बन चुका है.विश्लेषणात्मक एआई के क्षेत्र में भारत दुनिया में सबसे आगे है.उन्हाेंने कहा कि जैसे एक्सेल आने पर लाेगाें ने बदलाव का डर जताया था, वैसे ही एआई काे लेकर भी भ्रम है, जबकि यह मानवता की मदद करेगा. मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने साेमवार काे कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) काे अपनाना अपने आप नहीं हाेगा, इसके लिए स्पष्ट रणनीति और बड़े पैमाने पर राेजगार के साथ तकनीक काे जाेड़ने की प्रतिबद्धता जरूरी है.