बीमा कंपनी काे नया आईफाेन अथवा ब्याज सहित 89 हजार रुपये देने के आदेश

    17-Feb-2026
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हाथ से गिरकर क्षतिग्रस्त हुए महंगे आईफाेन की मरम्मत का बीमा दावा ‘नियमाें और शर्ताें’ का हवाला देकर खारिज करने वाली बीमा कंपनी काे पुणे जिला उपभाेक्ता शिकायत निवारण आयाेग ने फटकार लगाई है. आयाेग ने स्पष्ट किया कि ग्राहक द्वारा सुरक्षा के लिए लिए गए बीमा का उद्देश्य सफल हाेना चाहिए.इसी के साथ आयाेग ने संबंधित महिला काे नया आईफाेन या 89 हजार रुपये 4% वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है. साथ ही, महिला काे हुए मानसिक कष्ट और शिकायत के खर्च के ताैर पर 13 हजार रुपये देने के भी निर्देश दिए गए हैं. आयाेग के अध्यक्ष अनिल जवलेकर और सदस्य शुभांगी दुनाखे ने यह फैसला सुनाया.
 
आयाेग ने अपने फैसले में दर्ज किया कि बीमा पाॅलिसी में मबीमा का लाभ केवल एक बार लिया जा सकता हैफ ऐसी काेई स्पष्ट शर्त नहीं है, इसलिए दावा खारिज करना उचित नहीं है.मामला ऐसा है कि धायरी इलाके की एकमहिला ने साल 2018 में काेथरुड से 89 हजार रुपये में आईफाेन एक्स खरीदा था. माेबाइल की सुरक्षा के लिए उन्हाेंने 15 हजार रुपये देकर बीमा भी लिया था. खरीदारी के कुछ दिनाें बाद ही फाेन गिर गया और उसका कैमरा खराब हाे गया. पहले दावे के बाद कंपनी ने फाेन बदल कर दे दिया.हालांकि, कुछ समय बाद वह फाेन दाेबारा गिर गया और पूरी तरह खराब हाे गया. दूसरे दावे के समय कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि बीमा केवल एक बार ही लागू हाेता है.
 
बार-बार प्रयास करने के बाद भी जब काेई प्रतिक्रिया नहीं मिली, ताे महिला ने उपभाेक्ता आयाेग का दरवाजा खटखटाया.सुनवाई के दाैरान कंपनी ‘एक बार ही क्लेम’ वाली शर्त का काेई ठाेस सबूत पेश नहीं कर सकी. आयाेग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पहले दावे के बाद पाॅलिसी समाप्त हाे गई थी, ताे इसके बारे में ग्राहक काे लिखित में सूचित करना आवश्यक था. माेबाइल की कीमत 89 हजार रुपये है और बीमा पूरी राशि पर वैध हाेता है. केवल एक बार मरम्मत कर देने से बीमा पाॅलिसी खत्म हाे गई, ऐसा नहीं माना जा सकता. इस निर्णय ने उन बीमा कंपनियाें काे चेतावनी दी है जाे अघाेषित शर्ताें का आधार लेकर दावे खारिज करती हैं. इससे यह रेखांकित हुआ है कि ग्राहकाें का पूर्ण बीमा अधिकार बरकरार रहता है.