बालाें काे गिरने से बचाने के लिए सबसे पहले उनकी मूल संरचना काे समझना हाेगा. बाल किरेटिन से बने हाेते हैं. टेलाेजेन एफलुवियम बाल गिरने का सबसे आम प्रकार है. इसकी तीव्रता कभी कम हाेती है ताे कभी ज्यादा. टायाॅयड और मलेरिया जैसी बीमारियाें के बाद अक्सर कम तीव्रता वाला टेलाेजेन एफलुवियम हाेता है. वहीं शरीर में विटामिन की कमी हाे जाने पर अक्सर अधिक तीव्रता वाला टेलाेजेन एफलुवियम हाेता है. लेकिन ऐसा भी पाया गया है कि हाई सल्फर प्राेटीन बाॅन्डिंग की कमी से बाल टूटते हैं. अलग-अलग माैसमाें में बाल गिरने की समस्याएं भी अलग-अलग तरह की हाेती हैं. विभिन्न अध्ययनाें के अनुसार, हर दिन तकरीबन 100 बाल तक टूटना एक सामान्य प्रक्रिया है.प्याज ज्यादातर घराें में आसानी से मिल जाती है. यह एलियम परिवार की सदस्य है.
इसमें कई सल्फर युक्त कंपाउंड हाेते हैं, जिस वजह से इससे एक अलग तरह की गंध आती है, और साथ ही इन्हीं कंपाउंड्स की वजह से ही यह स्वास्थ के लिए बेहद ायदेमंद हाेती है. हमे यह नहीं भूलना चाहिए कि खाने की चीजाें में माैजूद पाॅलीेनाॅल तत्व ाइटाेन्यूट्रिएंट्स की सबसे बड़ी श्रेणी है औरपाॅलीेनाॅल सबसे ज्यादा मात्रा में प्याज में ही पाया है. प्याज में एलाइल सल्ाइड कई प्रकार पाए जाते हैं. इनमें चार प्रमुख डाइएलाइल सल्ाइड भी शामिल है. इनमें से मिथाइलसल्ाेनाइलमीथेन सल्फर काे साेखने वाला सबसे प्रमुख तत्व है. यह प्याज में प्रमुखता से पाया जाता है. विशेष रूप से उसकी बाहरी परताें में.यह बालाें के विकास के लिए जरूरी किरेटिन के निर्माण में मदद करता है. साथ ही एलाेपेसिया एयरेटा जैसी परिस्थितियाें में भी यह मददगार हाेता है. साथ ही बाल गिरने की दूसरी समस्याओं में भी (जिनमें सिर की त्वचा कटी-फटी न हाे) प्याज का रस सिर पर लगाने से ायदा हाेता है. प्याज के रस कुछ देर सिर की मालिश करने के बाद गर्म ताैलिये या स्टीम के संपर्क में सिर काे लाएं. कुछ देर तक यह प्रक्रिया जारी रखें. िफर 30-40 मिनट रुकने के बाद धाे डालें.