पुणे मनपा द्वारा घाेषित ‘जागल्या’ संकल्पना शहर में घटिया गुणवत्ता के फुटपाथ कार्याें पर पर्दा डालने का प्रयास है, ऐसी आलाेचना आम आदमी पार्टी की ओर से की गई है.इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी के मीडिया सह-संयाेजक निरंजन मधुकर अडागले द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि चुनाव से पहले शहर के विभिन्न प्रभागाें में बड़े पैमाने पर फुटपाथ मरम्मत, पेवर ब्लाॅक लगाने और साैंदर्यीकरण के काम किए गए. लेकिन कई स्थानाें पर कुछ ही महीनाें में ब्लाॅक उखड़ना, फरसबंदी टूटना, फुटपाथ असमतल हाेना और पानी जमा हाेना जैसी गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं. इससे पैदल चलने वालाें की सुरक्षा का प्रश्न खड़ा हाे गया है.ऐसी स्थिति में नई संकल्पना घाेषित करने के बजाय पहले किए गए कामाें की गुणवत्ता की जांच करना और जिम्मेदारी तय करना अधिक आवश्यक है.
अनुबंध में निर्धारित डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत संबंधित ठेकेदाराें से ही दाेषाें की मरम्मत करवाना अनिवार्य है. नया बजट निकालकर दाेबारा खर्च करने के बजाय पहले के अनुबंधाें का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए.चुनाव से पहले किए गए सभी फुटपाथ कार्याें का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट घाेषित किया जाए. दाेषपूर्ण कामाें की सूची सार्वजनिक की जाए. संबंधित ठेकेदाराें से ही दाेषाें की मरम्मत करवाई जाए. घटिया कामाें के लिए जिम्मेदार अधिकारियाें और ठेकेदाराें पर कार्रवाई की जाए.यह आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांग है. साथ ही पुणेकराें काे घाेषणाबाजी नहीं चाहिए, उन्हें मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ फुटपाथ चाहिए. प्रशासन केवल नई याेजनाएं घाेषित न करे, बल्कि वास्तविक कार्रवाई करके दिखाए, यह आम आदमी पार्टी का स्पष्ट रुख है.